क्या बिहार की कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान के सवालों ने सियासत को गरमा दिया?

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क्या बिहार की कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान के सवालों ने सियासत को गरमा दिया?

सारांश

चिराग पासवान के कानून व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। क्या उनके सवाल नीतीश सरकार की नींव हिला देंगे? जानें इस लेख में सभी प्रतिक्रियाएँ और सच्चाई।

मुख्य बातें

कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान के सवालों ने सियासत को गरमा दिया है।
नीतीश सरकार के प्रवक्ता ने चिराग की आलोचना की है।
बिहार पुलिस ने अपराधियों पर सख्ती बरती है।
संविधान के अनुसार कानून का राज कायम है।
राजनीतिक दलों को अपने अंदर के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

पटना, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की कानून व्यवस्था पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा उठाए गए सवालों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। पहले जहां विपक्ष नीतीश सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा था, वहीं अब एनडीए में सहयोगी चिराग पासवान भी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। चिराग ने यहाँ तक कह दिया कि मुझे दुःख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूँ, जहां अपराध बेकाबू हैं।

चिराग के इस बयान पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता कानून व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार में निश्चिंत है।

उन्होंने शनिवार को मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नीतीश कुमार पर भरोसा है। यदि चिराग का मन विचलित हो रहा है तो यह उनकी व्यक्तिगत बात है। नीरज ने कहा कि बिहार में कानून का राज है।

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने चिराग पासवान को निशाने पर लेते हुए कहा कि राजनेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। जो लोग बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके दल में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल नहीं हैं। आलोचना करना आसान है, लेकिन अपराध मुक्त राज्य की कल्पना करना आज के दौर में मुश्किल है। हम बिहार की कानून व्यवस्था को अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर मानते हैं। बिहार पुलिस पूरी मुस्तैदी से आपराधिक घटनाओं पर कार्रवाई कर रही है। 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं और बिहार पुलिस अपराधियों पर हावी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, "अगर चिराग पासवान ने कोई बयान दिया है तो उन्होंने सोच-समझकर ही दिया होगा। इस बारे में तो वह ही बेहतर बता सकते हैं।"

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने टिप्पणी की कि चिराग पासवान एनडीए में शामिल हैं और खुद को पीएम मोदी का 'हनुमान' बताते हैं। जब मीडिया सवाल करती है, तो वह बिहार सरकार पर निशाना साधते हैं। अगर उन्हें विरोध करना है तो सीधे तौर पर करें। यह दोहरा चरित्र है। चिराग को विरोध करने का मन है तो उन्हें इस्तीफा सौंप देना चाहिए।

बिहार सरकार के मंत्री हरि सहनी ने कहा कि चिराग पासवान हमारे सहयोगी हैं और एनडीए में हमारे साथ हैं। उनके बयान के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह हमारे दुश्मन हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार की कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान के सवाल उठाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह दर्शाता है कि सियासत में एकजुटता और सहयोग की कमी है। हालांकि, हमें यह भी देखना होगा कि कानून व्यवस्था के सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं या नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर क्या आरोप लगाए?
चिराग पासवान ने कहा कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं जहां अपराध बेकाबू हैं।
जदयू ने चिराग के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि बिहार की जनता कानून व्यवस्था को लेकर निश्चिंत है।
भाजपा के प्रवक्ता ने चिराग के बयान पर क्या कहा?
भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि चिराग ने सोच-समझकर बयान दिया होगा।
राष्ट्र प्रेस