क्या कांग्रेस काशी में मंदिरों को तोड़ने का झूठ फैला रही है?: सीएम योगी
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- काशी विश्वनाथ धाम का विकास जारी है।
- सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो वायरल हो रहे हैं।
- काशी की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण किया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी का योगदान महत्वपूर्ण है।
वाराणसी, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंदिरों को तोड़ने का सफेद झूठ फैला रही है। सीएम ने शनिवार को वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत की।
सीएम योगी ने कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी कुछ लोगों ने साजिशें कीं। यहां तक कि जिन वर्कशॉप में मूर्तियां बनती हैं, वहां से टूटी हुई मूर्तियों के अवशेष लाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए और सफेद झूठ फैलाया गया कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं।
वास्तव में, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काशी के मंदिर और मणिकर्णिका घाट के तोड़ने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन आरोपों का जवाब देने के लिए सीएम ने खुद मीडिया से बात की। उन्होंने इन वीडियो की सत्यता को नकारते हुए कहा, "यहां पर पिछले 11 वर्षों में हुए समग्र विकास की परियोजना को बाधित करने के लिए जो साजिशें रची जा रही हैं, इसके बारे में सही तथ्य जनता के सामने आ सकें, इसीलिए मुझे आज यहां आना पड़ा।"
सीएम ने कहा कि काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है। लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वो नहीं हुआ। पिछले 11 वर्षों में काशी एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन कर रही है और भौतिक विकास के माध्यम से नई ऊंचाइयों को भी प्राप्त कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की संसद में काशी का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं और वह अक्सर अपने भाषणों में कहते हैं, 'मेरी काशी'। प्रारम्भ से ही उन्होंने कहा है कि काशी की पुरानी काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर में पेश किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप काशी की परियोजनाएं तैयार हुईं।
कॉरिडोर बनने के बाद काशी में आए परिवर्तन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन औसतन 5000 से 25000 श्रद्धालु आते थे। कॉरिडोर बनने के बाद प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख श्रद्धालु यहां दर्शन कर रहे हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या 6 से 10 लाख तक पहुंचती है। पिछले वर्ष 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए। बाबा विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक अकेले काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपए का योगदान किया है।
सीएम ने सीधे-सीधे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम बन रहा था, तब भी कांग्रेस ने सफेद झूठ फैलाया कि मंदिर तोड़े गए, जो कि सरासर गलत है। उन मंदिरों का पुनरुद्धार हुआ है, वे आज भी वैसे ही हैं। फर्क इतना है कि पहले जीर्ण-शीर्ण हालत में थे, अब उनका पुनरुद्धार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौ वर्ष पहले माता अन्नपूर्णा की मूर्ति यहां से चोरी कर यूरोप पहुंचा दी गई थी। प्रधानमंत्री के प्रयास से वह मूर्ति वापस आई और काशी विश्वनाथ में उसकी स्थापना की गई।
सीएम योगी ने कांग्रेस से सवाल किया कि 1947 से लेकर 2014 तक ज्यादातर समय केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रहीं, आखिर उन्होंने यह प्रयास क्यों नहीं किया। कांग्रेस सरकारों में भारत की विरासत के प्रति सम्मान का भाव ही नहीं था। तुष्टीकरण की राह पर चलकर भारत की आस्था का अपमान करने वाली कांग्रेस कभी भी भारत की विरासत का सम्मान नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि विरासत का सम्मान कैसे होता है, यह हमें कांग्रेस से पूछने की आवश्यकता नहीं। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर 500 वर्षों के बाद मंदिर निर्माण का कार्य, काशी हो या अयोध्या, मां विंध्यवासिनी धाम हो या प्रयागराज, बौद्ध तीर्थस्थल हो या फिर भारत की विरासत से जुड़े सभी तीर्थस्थल, विरासत के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के सभी कार्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सकुशल संपन्न हो रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस द्वारा इस प्रकार की अनर्गल टिप्पणी और उसके नेताओं के इस प्रकार के बचकाने बयान और हरकतों को देखकर उन पर हंसी भी आती है और दया भी।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस का यह कृत्य वैसे ही है जैसे 'सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली'। जिन लोगों ने विरासत का सदैव अपमान किया, वो आज भी विकास के कार्यों में बाधा पैदा कर रहे हैं। यह स्थिति केवल मणिकर्णिका में ही नहीं है, सच्चाई तो यह है कि ये लोग विकास के हर उस कार्यक्रम में बाधा पैदा करेंगे, जो प्रदेश या देश के विकास से और लोक कल्याण से जुड़ा हो।