क्या कांग्रेस सच बोलने वाले नेताओं को डराती है?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की अलोकतांत्रिक छवि पर सवाल उठ रहे हैं।
- शकील अहमद के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- राजनीतिक नेतृत्व पर उठ रहे सवाल।
पटना, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद को कथित तौर पर धमकी मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। बिहार के मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से एक अलोकतांत्रिक पार्टी रही है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सच बोलने वाले नेताओं को डराने की कोशिश करती है।
मंत्री मंगल पांडे ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "जिस प्रकार से राजा-महाराजा सब कुछ संचालित करते थे, उसी तरह कांग्रेस की स्थिति है। इस कारण पार्टी में कोई भी नेता अपनी आवाज नहीं उठा सकता। यदि कोई सच बोलने की कोशिश करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है, जैसा कि शकील अहमद के मामले में हुआ है। कांग्रेस का यह इतिहास रहा है।"
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी कहा, "शकील अहमद ने कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। अन्य नेता भी राहुल गांधी पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने केवल पार्टी को डुबाने का कार्य किया है। इसीलिए शकील अहमद ने नेतृत्व के सामने अपनी बातें रख दी हैं।"
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी शकील अहमद के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंतित होना चाहिए और उचित प्रबंध करना चाहिए। इस समय कांग्रेस में हताशा और परेशानी है, इसलिए कुछ भी हो सकता है।"
असल में, पूर्व कांग्रेस नेता ने अपनी जान को खतरे में बताया है। राहुल गांधी को 'डरपोक' और एक 'असुरक्षित' राजनेता बताने के बाद मंगलवार को शकील अहमद ने यूथ कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया कि उनकी तरफ से फोन पर जानकारी दी गई है।
शकील अहमद ने कहा कि दिल्ली से उनके खिलाफ हमले का आदेश आया है। उन्होंने बताया कि पटना और मधुबनी में उनके घरों पर हमले की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा, "यूथ कांग्रेस की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है कि शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उनका पुतला जलाया जाएगा और जोरदार विरोध किया जाएगा।"