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क्या जीएसटी रिफॉर्म आत्मनिर्भर भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा? सीपी जोशी

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क्या जीएसटी रिफॉर्म आत्मनिर्भर भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा? सीपी जोशी

मुख्य बातें

जीएसटी सुधार से टैक्स प्रणाली सरल होगी।
क्रय शक्ति में वृद्धि होगी।
गरीबों और किसानों को राहत मिलेगी।
व्यापारियों को लाभ होगा।
भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

चित्तौड़गढ़, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सीपी जोशी ने वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में किए गए सुधारों को देशहित में बताते हुए कहा कि इससे देशवासियों को बड़ी राहत और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने जीएसटी सुधारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक और दूरदृष्टिपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि टैक्स कम होने से जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी।

सीपी जोशी ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित जीएसटी रिफॉर्म्स नेक्स्ट जेन-2 को ऐतिहासिक और दूरदृष्टिपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसने गरीबों, किसानों, मध्यम वर्गीय परिवारों और व्यापारियों को राहत देने का कार्य किया है। यह सुधार 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होगा और नवरात्रि तथा दीपावली जैसे शुभ अवसरों पर यह तोहफा न केवल लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा।

सांसद जोशी ने कहा कि टैक्स घटने से जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी। जब लोग अधिक खरीदारी करेंगे तो बाजार में मांग बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। छोटे और मझोले उद्योगों को भी इस सुधार से मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले अलग-अलग राज्यों की टैक्स नीतियों ने व्यापार को उलझन में डाल रखा था, लेकिन अब पूरे देश में एकीकृत टैक्स व्यवस्था लागू है। मोदी सरकार की यही दूरदृष्टि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हर वर्ग को राहत प्रदान कर रही है।

जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार टैक्स संरचना में आमूलचूल परिवर्तन किया है, वह केवल नीतिगत सुधार नहीं बल्कि भारत की आर्थिक मजबूती और जनता की समृद्धि का आधार बनेगा। आजादी के बाद से टैक्स सुधार की बातें कई बार हुईं, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि इसे सरल और व्यावहारिक रूप देते हुए आमजन को सीधे लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि पहले टैक्स के चार स्लैब 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत थे, जिन्हें घटाकर अब केवल दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रखे गए हैं। इस बड़े बदलाव से टैक्स प्रणाली बेहद सरल होगी और व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खाद्य सामग्री, दवाइयां, मेडिकल ऑक्सीजन, चश्मे और खेल उपकरण अब पांच प्रतिशत टैक्स श्रेणी में आ गए हैं। वहीं ऑटोमोबाइल, फ्रिज और एसी जैसे सामानों पर टैक्स घटने से उपभोक्ताओं को 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक का सीधा लाभ होगा। किसानों के लिए भी यह सुधार बड़ी राहत लेकर आए हैं क्योंकि ट्रैक्टर, टायर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और कृषि उपकरण अब पांच प्रतिशत जीएसटी श्रेणी में शामिल हो गए हैं, जिससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को प्रत्यक्ष फायदा होगा।

सांसद जोशी ने अंत में प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुधार न केवल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे बल्कि हर वर्ग को लाभ पहुंचाते हुए भारत को समृद्ध और सशक्त बनाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि जीएसटी सुधारों का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। मोदी सरकार की यह पहल हर वर्ग को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी सुधारों का क्या महत्व है?
जीएसटी सुधारों का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता को राहत प्रदान करना है।
ये सुधार कब लागू होंगे?
ये सुधार 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होंगे।
क्या इससे टैक्स में कमी आएगी?
हाँ, टैक्स के स्लैब को घटाकर केवल दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रखा गया है।
किस वर्ग को लाभ होगा?
ग़रीबों, किसानों, मध्यम वर्ग और व्यापारियों को इस सुधार से लाभ होगा।
इसका असर अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ेगा?
बाजार में मांग बढ़ने से उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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