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क्या इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम बदलकर 'भारतीय सड़क संघ' होना चाहिए?: केशव प्रसाद मौर्य

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क्या इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम बदलकर 'भारतीय सड़क संघ' होना चाहिए?: केशव प्रसाद मौर्य

सारांश

क्या उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का सुझाव इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम बदलने का सही है? जानें उनके विकास के दृष्टिकोण और ग्रामीण सड़कों के महत्व के बारे में!

मुख्य बातें

इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम बदलकर भारतीय सड़क संघ करने का सुझाव दिया गया है।
ग्रामीण सड़कें राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।
एफडीआर तकनीक से बनी सड़कें सस्ती और टिकाऊ होती हैं।
यूपी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
सड़क क्रांति में डबल इंजन सरकार का योगदान महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को लखनऊ में स्पष्ट रूप से कहा कि इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम बदलकर भारतीय सड़क संघ होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अटपटे नामों से छुटकारा पाना चाहिए।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी सेमिनार में केशव मौर्य ने इस नाम परिवर्तन की वकालत की।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें राष्ट्र निर्माण की असली आधारशिला हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश सड़क क्रांति कर रहा है। आज एफडीआर तकनीक से बनी सड़कें किसानों की खुशहाली और गांवों की तरक्की की गारंटी बन चुकी हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग केवल राजनीति करते हैं, लेकिन हम विकास की दिशा में आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि हर घर तक नल पहुंचा है, अब हर घर तक सड़क पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि एफडीआर तकनीक से बनी सड़कें न केवल सस्ती और टिकाऊ हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी बनाए रखती हैं। हमने 6000 किलोमीटर सड़कों में नई तकनीक के द्वारा 90 लाख घन मीटर गिट्टी और 700 लाख लीटर डीजल की बचत की है। यही असली देशभक्ति है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। उस सपने को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश अब पूरे देश के लिए एक आदर्श बन गया है। एफडीआर तकनीक का यूपी मॉडल आज अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। देश व प्रदेश में रोड नेटवर्क, रेल मार्ग, हवाई यातायात और जल मार्ग के क्षेत्र में डबल इंजन सरकार में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। एफडीआर तकनीक से बनी सड़कें अधिक टिकाऊ होती हैं और यूपी सड़क निर्माण की नई तकनीक और पर्यावरण के दृष्टिकोण से देश के लिए एक आदर्श साबित हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह विकास और पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा हो सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियन रोड्स कांग्रेस का नाम क्यों बदला जाना चाहिए?
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, अटपटे नामों से छुटकारा पाने की आवश्यकता है और यह नाम परिवर्तन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
एफडीआर तकनीक क्या है?
एफडीआर तकनीक एक नवीनतम सड़क निर्माण तकनीक है जो सड़कों को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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