क्या कर्पूरी ठाकुर हमारे समाज के प्रेरणा स्रोत थे: जीतन राम मांझी?

Click to start listening
क्या कर्पूरी ठाकुर हमारे समाज के प्रेरणा स्रोत थे: जीतन राम मांझी?

सारांश

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें याद करते हुए बताया कि वे समाज के पिछड़े वर्गों के लिए प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने ठाकुर के जीवन के कुछ पहलुओं को साझा किया और समाज में उनके योगदान को सराहा।

Key Takeaways

  • कर्पूरी ठाकुर का जीवन सादगी का प्रतीक था।
  • उन्होंने पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
  • आज की फैशन दुनिया में उनका जीवन एक प्रेरणा है।

पटना, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें याद करते हुए अपने समाज के लिए प्रेरणा स्वरूप बताया।

पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती है। यदि वे आज जीवित होते, तो 102 वर्ष के होते। वे समाज के पिछड़े वर्गों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे और इसीलिए उन्हें जननायक के रूप में याद किया जाता है। हमें उनके साथ काम करने का मौका मिला था। उनसे कई बातें हुईं। आज उनके द्वारा किए कामों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आजकल दिन में तीन बार कपड़े बदलना फैशन है, जबकि वे सप्ताह में एक बार दाढ़ी बनवाते थे और सप्ताह में एक बार कपड़े बदलते थे। वे गरीबों की तरह जीवन जीते थे।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एसआईआर को लेकर दिए बयान पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि पूरी तरह से गलत दावे और बेबुनियाद बातें की जा रही हैं। एसआईआर सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ही नहीं करवा रही है। यह प्रक्रिया नई नहीं है- यह जवाहरलाल नेहरू के समय, राजीव गांधी के समय और अन्य प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में भी होती रही है। मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें सुधार करना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। अखिलेश यादव सिर्फ भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। एसआईआर उचित है। इससे गरीबों को ही लाभ होगा क्योंकि घुसपैठिए उनके अधिकारों को ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार, जो भारत में पैदा हुआ है, वही मतदाता सूची में शामिल हो सकता है।

संगम घाट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की अधिकारियों के साथ हुई झड़प पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मुझे इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यह शंकराचार्य से जुड़ा मामला है; उन्हें कैसे रोका गया या उन्होंने कौन सा रास्ता चुना, ये सब संबंधित लोगों के मामले हैं। हमारे पास इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

Point of View

उनका जीवन हमें सरलता का महत्व बताता है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

कर्पूरी ठाकुर का मुख्य योगदान क्या था?
कर्पूरी ठाकुर ने समाज के पिछड़े वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियाँ बनाई और उन्हें अधिकार दिलाने का कार्य किया।
जीतन राम मांझी ने कर्पूरी ठाकुर के बारे में क्या कहा?
जीतन राम मांझी ने कर्पूरी ठाकुर को समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया और उनके जीवन के सरलता को उजागर किया।
Nation Press