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क्या कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार बनाने का ख्वाब देख रही थी? : संजय उपाध्याय

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क्या कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार बनाने का ख्वाब देख रही थी? : संजय उपाध्याय

सारांश

क्या कांग्रेस महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाने का सपना देख रही थी? जानिए संजय उपाध्याय के विचारों के अनुसार महायुति की रणनीतियों के चलते कांग्रेस की स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

महायुति की रणनीति के चलते कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है।
संजय उपाध्याय ने कांग्रेस पर निराशा के आरोप लगाए।
कांग्रेस की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है।
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बावजूद भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
मालेगांव शुगर फैक्ट्री चुनाव में अजित पवार की जीत महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 26 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने का ख्वाब देख रही थी, लेकिन महायुति की रणनीति के सामने उसकी एक नहीं चली। महायुति ने घर-घर जाकर जनता से संपर्क स्थापित किया और उनका विश्वास अर्जित किया, जिसके कारण राज्य में उसकी सरकार बन पाई है।

उपाध्याय ने न्यूज़ एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में महाराष्ट्र में जो स्थिति बनी हुई है, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस हार की ओर बढ़ चुकी है। कांग्रेस की विश्वसनीयता अब जनता के बीच पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब देश प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर कांग्रेस को स्वीकार नहीं करने वाली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि वह अब निराशा और हताशा की ओर बढ़ चुकी है। उसे एहसास हो चुका है कि जनता अब उसे स्वीकार करने वाली नहीं है।

उपाध्याय ने कहा कि चुनाव आयोग के आंकड़ों से यह स्पष्ट हो चुका है कि मतदाताओं की सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अब इन लोगों ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है।

भाजपा विधायक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की निंदा करते हुए कहा कि वे लगातार संविधान की बात करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि अब उनका संविधान से कोई लेना-देना नहीं है।

शशि थरूर के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें किस पार्टी में शामिल होना है, यह उनका निजी निर्णय है। लेकिन, जिस तरह से विदेश में भारत का पक्ष रखने पर उन्हें गांधी परिवार की ओर से निशाने पर लिया गया, वह निंदनीय है।

उपाध्याय ने कहा कि यदि थरूर देशहित की बातें कर रहे हैं, तो गांधी परिवार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। क्या कांग्रेस विश्व में भारत की बढ़ती धाक से परेशान है? प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों के नेताओं को विदेश में भारत के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए भेजा है, जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।

उन्होंने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में आए तनाव पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तनाव के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर अपने पक्ष में जनमत बनाने का काम किया है। वैश्विक मंच पर लोगों का भारत के प्रति विश्वास बढ़ा है।

उपाध्याय ने कहा कि भारत ने वैश्विक मंच पर यह संदेश दिया है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यही संदेश दिया है। भारत के प्रति वैश्विक मंच पर सकारात्मक माहौल बना हुआ है, वहीं पाकिस्तान की हकीकत किसी से छिपी नहीं है।

उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को मालेगांव शुगर फैक्ट्री चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब शरद पवार को पुनर्विचार करना चाहिए कि लोग उनके चेहरे से थक चुके हैं। बार-बार जाति की राजनीति करने वाले शरद पवार क्यों खुद को राजनीति का चाणक्य कहलवाना चाह रहे हैं, जबकि मालेगांव शुगर फैक्ट्री के नतीजों ने उनकी सच्चाई को स्पष्ट कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस को अपनी रणनीतियों में बदलाव लाने की आवश्यकता है। जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है, और ऐसे में उन्हें अपनी नीतियों और दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की वर्तमान स्थिति क्या है?
कांग्रेस की वर्तमान स्थिति कमजोर है, और वह जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है।
महायुति का क्या महत्व है?
महायुति ने जनता के बीच विश्वास अर्जित किया है, जिससे उनकी सरकार बन पाई है।
राष्ट्र प्रेस
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