क्या ममता बनर्जी चुनावों में अनुचित तरीके से जीतती हैं? मंगल पांडे का विरोध
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी पर अनुचित चुनाव जीतने के आरोप
- एसआईआर का महत्व और प्रभाव
- बिहार में स्वास्थ्य सुधारों की जानकारी
- भाजपा का पश्चिम बंगाल में बढ़ता प्रभाव
- आत्मविश्वास के साथ जनता की प्रतिक्रिया
पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अनुचित तरीके से चुनाव जीतती हैं, यही वजह है कि वह एसआईआर को लागू नहीं होने दे रही हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए, मंगल पांडे ने कहा, "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे सिस्टम को बिगाड़ना चाहती हैं और दबाव डालकर एसआईआर के कार्य को रोकने का प्रयास कर रही हैं। वह हर संभव तरीके से दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं।"
उन्होंने कहा कि टीएमसी के सदस्य बीएलओ पर सबसे ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे अधिकारियों की मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। ममता बनर्जी बांग्लादेश से लोगों को पश्चिम बंगाल लाने का प्रयास कर रही हैं और इन घुसपैठियों को स्थानीय निवासियों के अधिकार देना चाहती हैं ताकि वह चुनाव में अनुचित तरीके से जीतती रहें। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार आने वाली है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा, "राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ऐसी पार्टी से हैं जिसके नेता चांदी की चम्मच लेकर पैदा होते हैं और पार्टी के इशारों पर काम करते हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक गरीब परिवार में जन्मे हैं और गरीबों के नेता हैं।"
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंगल पांडे ने कहा, "फाइलेरिया में कई तरह की बीमारियां होती हैं। इनमें से, एलिफेंटिएसिस और हाइड्रोसील जैसी समस्याएं शामिल हैं। बिहार को फाइलेरिया-मुक्त बनाने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 2027 है। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने और आवश्यक दवाओं के सेवन पर ध्यान दिया जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार की योजनाओं पर पूरा विश्वास है। जनता हमारे साथ है, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं।