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कर्नाटक के मंत्री ने केंद्र से भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा, ‘उनके लिए मक्खन, हमारे लिए चूना क्यों?’

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कर्नाटक के मंत्री ने केंद्र से भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा, ‘उनके लिए मक्खन, हमारे लिए चूना क्यों?’

सारांश

कर्नाटक के मंत्री एम.बी. पाटिल ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु के मदुरै को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया गया है, जबकि कर्नाटक के हवाई अड्डों का कोई ध्यान नहीं रखा गया। क्या यह उचित है?

मुख्य बातें

कर्नाटक के मंत्री ने केंद्र पर आरोप लगाया है कि वे भेदभाव कर रहे हैं।
तमिलनाडु के मदुरै को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का दर्जा दिया गया है।
हुब्बल्ली और बेलगावी को अंतरराष्ट्रीय मान्यता की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार को राज्य की आवश्यकताओं को समझना चाहिए।
यह निर्णय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगा।

बेंगलुरु, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के अवसंरचना विकास मंत्री एम.बी. पाटिल ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित कर दिया है, जबकि कर्नाटक के हुब्बल्ली और बेलगावी हवाई अड्डों के बारे में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि यह बिल्कुल भी स्वीकृति योग्य नहीं है।

इस मामले पर बात करते हुए मंत्री पाटिल ने कहा, “उनके लिए मक्खन और हमारे लिए चूना कैसे हो सकता है?”

उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय शायद तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है, लेकिन कर्नाटक की मांगों के प्रति केंद्र का उदासीन रवैया चिंताजनक है।

पाटिल ने जानकारी दी कि २४ जून २०२५ को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर हुब्बल्ली और बेलगावी हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग की गई थी। इससे उत्तर कर्नाटक क्षेत्र को काफी लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि कम से कम इनमें से किसी एक हवाई अड्डे - हुब्बल्ली या बेलगावी - को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया जाना चाहिए। यदि दोनों को यह दर्जा मिल जाए तो यह और भी स्वागत योग्य होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य की आवश्यकताओं को समझना चाहिए।

ज्ञातव्य है कि १० मार्च २०२६ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को आधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने को मंजूरी दी गई थी। इस कदम का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना, व्यापार को मजबूत करना और वैश्विक संपर्क में सुधार करना है।

इस निर्णय के साथ ही कस्टम्स हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने की १६ साल लंबी प्रतीक्षा समाप्त हो गई है। इससे अब मदुरै से कोलंबो, दुबई और अबू धाबी जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए भी उड़ानें संचालित हो सकेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर आगामी चुनावों के संदर्भ में।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के मंत्री ने किस हवाई अड्डे की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग की है?
कर्नाटक के मंत्री एम.बी. पाटिल ने हुब्बल्ली और बेलगावी हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की मांग की है।
केंद्र सरकार ने किन हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी है?
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया है।
कर्नाटक के मंत्री का केंद्र सरकार पर क्या आरोप है?
कर्नाटक के मंत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार का रवैया भेदभावपूर्ण है।
कब केंद्र सरकार ने मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया?
केंद्र सरकार ने १० मार्च २०२६ को मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया।
इस निर्णय से कर्नाटक को क्या लाभ होगा?
इस निर्णय से कर्नाटक के उत्तर क्षेत्र को आर्थिक और व्यापारिक लाभ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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