18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बंगाल में घुसपैठियों के सहारे ममता बनर्जी सत्ता में वापसी कर पाएंगी? : रोहन गुप्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बंगाल में घुसपैठियों के सहारे ममता बनर्जी सत्ता में वापसी कर पाएंगी? : रोहन गुप्ता

सारांश

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा है कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के सहारे सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगी। अमित शाह के बयान के संदर्भ में, गुप्ता ने तुष्टीकरण के मुद्दे पर भी बात की। क्या यह सच है कि बंगाल की राजनीति घुसपैठियों के सहारे चल रही है? जानिए इस मुद्दे पर गुप्ता की राय।

मुख्य बातें

घुसपैठियों का मुद्दा बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण है।
ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति पर प्रश्न उठाए गए हैं।
अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान दिलाया।
तुष्टीकरण की राजनीति का विरोध हो रहा है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का बढ़ता प्रभाव।

अहमदाबाद, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने यह दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घुसपैठियों के सहारे सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगी।

भाजपा नेता का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल में जहां भी जाते हैं, वहां की जनता घुसपैठियों से त्रस्त है। क्या कोई ऐसी राज्य सरकार हो सकती है जो अपने राज्य को घुसपैठियों की पनाहगाह बना रही हो? यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा है। बंगाल की मुख्यमंत्री को चुनाव के दौरान इस पर जवाब देना चाहिए। घुसपैठ रोकने के लिए उनकी क्या योजना है?

गृह मंत्री शाह के बयान पर अहमदाबाद में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ बहुत गंभीर सवाल उठाया है। अगर कोई राज्य सरकार संवैधानिक मुद्दों पर भी वोट-बैंक की राजनीति को प्राथमिकता देती है, तो मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल के लोग ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने सही सवाल पूछा है। केंद्र सरकार अगर फेंसिंग की जगह मांगती है, तो जमीन नहीं दे सकते, तो जवाब दीजिए। तुष्टीकरण की राजनीति आपके लिए इतनी महत्वपूर्ण है कि आपकी मंशा साफ है-घुसपैठियों की मदद से सरकार बनाने की साजिश है, जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में एक स्पेशल ऑब्ज़र्वर की गाड़ी पर हुए हमले पर रोहन गुप्ता ने कहा कि जो लोग संविधान की बात करते हैं लेकिन धमकी देकर राजनीति करते हैं, वे असल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला कर रहे हैं। इसे कैसे सही ठहराया जा सकता है? एसआईआर प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है और एक के बाद एक राज्य में हो रही है। आप राजनीतिक रूप से इसका विरोध करने के लिए पूरी तरह आज़ाद हैं, लेकिन बल प्रयोग करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध नहीं कर सकते। इस प्रकार की मानसिकता को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें, लेकिन इस तरह की दादागिरी की राजनीति देश में नहीं चलेगी।

असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर कहा कि असम में गृह मंत्री अमित शाह ने सही बात कही है। सबसे पहले देश है, तुष्टीकरण की राजनीति से पहले देश है। बॉर्डर स्टेट में भाजपा को मौका देना ही पड़ेगा। हम घुसपैठियों को अंदर नहीं आने दे सकते, चुनावों को प्रभावित नहीं होने दे सकते। असम और बंगाल में भाजपा को मौका देने से घुसपैठियों का मुद्दा हल हो जाएगा।

नए साल को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि मुझे लगता है कि मौलवी काफी दिनों से बयानबाजी करके महत्व बचाए हुए हैं। शरिया और संविधान में अंतर है। इंडी गठबंधन के नेता इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। तुष्टीकरण की राजनीति इतनी हावी हो गई है कि वे इसका विरोध दर्ज नहीं करा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच की खींचतान में घुसपैठियों का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है। भाजपा के नेता रोहन गुप्ता का यह कहना कि ममता बनर्जी घुसपैठियों के सहारे सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगी, एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान है। यह बात चुनावों को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ममता बनर्जी घुसपैठियों के सहारे सत्ता में वापसी कर सकती हैं?
भाजपा नेता रोहन गुप्ता के अनुसार, ममता बनर्जी घुसपैठियों के सहारे सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगी।
अमित शाह ने बंगाल में घुसपैठियों के बारे में क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता घुसपैठियों से त्रस्त है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
रोहन गुप्ता का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
गुप्ता ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति से पश्चिम बंगाल के लोग असंतुष्ट हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले