क्या ममता बनर्जी ने पांच साल में कितने मंदिरों का जीर्णोद्धार किया?
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी पर भाजपा सांसद का तीखा हमला
- पिछले पांच वर्षों में मंदिरों के जीर्णोद्धार का सवाल
- गृह मंत्री अमित शाह की कोलकाता यात्रा
- पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का मुद्दा
- दिल्ली विधानसभा सत्र की महत्वपूर्ण बातें
नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय यात्रा पर कोलकाता पहुंचे हैं, जहाँ वह कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन करने वाले हैं। इस बीच, दिल्ली भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पश्चिम बंगाल की सरकार और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है।
जब ममता बनर्जी ने मंदिरों के निर्माण की घोषणा की, तो भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि वह केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उन्हें मंदिरों से प्रेम है, तो पिछले पांच वर्षों में उन्होंने कितने मंदिरों का जीर्णोद्धार किया है? कितने मंदिरों का कायाकल्प कराया? और कितने मंदिरों में वह गईं?
प्रवीण खंडेलवाल ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने विशेष वर्ग की राजनीति करके पश्चिम बंगाल के लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा की है। आगामी चुनाव में बंगाल के लोग उन्हें उचित जवाब देने के लिए तत्पर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए गृह मंत्री ने सही कहा है कि वहाँ घुसपैठियों ने सरकार में घुसकर अपना नाम वोटर लिस्ट में डाल लिया है। भारत का कोई भी कानून उन्हें चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं देता। इसलिए उन्हें पहले वोटर लिस्ट से हटना होगा और फिर देश से बाहर जाना होगा। ममता बनर्जी की उलटी गिनती अब शुरू हो गई है।
दिल्ली विधानसभा सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सरकारों ने दिल्ली वालों के साथ जो कुछ भी किया है, उसका सच जानना जरूरी है। इसके साथ-साथ, पिछले दस महीनों में हमारी सरकार ने क्या किया है, यह भी जानना आवश्यक है। विपक्ष को इस सत्र में बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि दिल्ली विधानसभा में संसदीय मर्यादाओं का पालन होगा और दिल्ली से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।