क्या मनरेगा से 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना अलग है? ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ: किरेन रिजिजू
सारांश
Key Takeaways
- विकसित भारत-जी राम जी एक्ट का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।
- इस योजना की शुरुआत गांवों से होगी, जिससे ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
- मनरेगा की तुलना में यह योजना अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।
- गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी 125 दिनों के लिए दी जाएगी।
- निगरानी प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि धन का दुरुपयोग न हो।
लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि मोदी सरकार ने 'विकसित भारत-जी राम जी एक्ट' लागू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि इस एक्ट की शुरुआत हमारे गांवों से होगी, क्योंकि जब गांव मज़बूत होंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा।
केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, मनरेगा से पूरी तरह से भिन्न है और दोनों में कोई समानता नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में मनरेगा को समाप्त नहीं किया जा सका क्योंकि इसे कानूनी रूप से बेहद जटिल बनाया गया था। अब सरकार एक बेहतर और प्रभावी कानून लेकर आई है, जिससे भारत की ग्रामीण आबादी को वास्तविक लाभ प्राप्त होगा।
केंद्रीय मंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित विकसित भारत-जी राम जी योजना से संबंधित कार्यशाला में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा पर लगभग 11 लाख करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद अपेक्षित ग्रामीण विकास नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां रोजगार की आवश्यकता नहीं थी, वहां भी मनरेगा का पैसा खर्च किया गया, जिससे यह योजना 'लूट की गारंटी' बनकर रह गई।
रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो 100 दिनों से अधिक है। उन्होंने यह दावा किया कि नई व्यवस्था में धन के दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं होगी और हर योजना की निगरानी नीचे से ऊपर तक की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण जलापूर्ति से जुड़ा एक मजबूत ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के हर गांव तक विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के लाभों की जानकारी पहुंचाना है।
रिजिजू ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक योजना है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। यदि यह यहां सफल होता है, तो पूरे देश में इसका प्रभाव दिखाई देगा।” उन्होंने दुष्प्रचार से भ्रमित न होने की सलाह दी और कहा कि सीएए के समय भी विपक्ष ने ऐसा ही दुष्प्रचार करके मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश की थी।
उन्होंने बताया कि नए कानून का घर-घर स्वागत होगा। कांग्रेस की 400 रुपए मजदूरी देने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस विषय से भटकना नहीं चाहिए।