राकेश सिन्हा ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को बिहार की जनता का अपमान बताया
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार की जनता के लिए अपमानजनक है।
- राकेश सिन्हा का बयान जनादेश की उपेक्षा को उजागर करता है।
- भाजपा ने सत्ताधारी नेता को किनारे किया है।
- भविष्य में कुछ महत्वपूर्ण योजनाएँ बन रही हैं।
- भारत की विदेश नीति पर प्रश्न उठाए गए हैं।
रांची, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अचानक राज्यसभाअपमान है। उनका पद से हटना जनादेश की अनदेखी दर्शाता है।
रांची में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान राकेश सिन्हा ने कहा कि बिहार की जनता ने 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे पर एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया था। अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, तो यह जनता के जनादेश का अपमान है।
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से अपेक्षित था कि नीतीश कुमार को किनारे किया जाएगा और बिहार के जनादेश का अपमान होगा, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी इस क्षेत्र में माहिर है। यह साफ तौर पर जनादेश का उल्लंघन है। बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को वोट नहीं दिया, बल्कि भाजपा ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट प्राप्त किया। अब भाजपा ने नीतीश कुमार को साइडलाइन कर दिया है, जो उनकी योजना का सफल कार्यान्वयन है।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने बिहार के नए गवर्नर को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई गवर्नर बदले गए और कई ने इस्तीफा भी दिया। यह स्थिति यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार कुछ बड़ी योजना बना रही है। जनता को सचेत रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ बड़ा हो सकता है।
उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट देने पर कहा कि भारत अब अमेरिका की कठपुतली बन गया है। भारत जैसे देश का इस मामले पर एक स्पष्ट स्टैंड होना चाहिए, लेकिन यह अभी संभव नहीं हो पा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की कि वे अब बिहार से राज्यसभा जाना चाहते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है।