नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जनता की नाराज़गी: रामनाथ ठाकुर की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना विवादास्पद हो गया है।
- रामनाथ ठाकुर ने इसे जनता का स्वाभाविक गुस्सा बताया।
- जदयू कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
पटना, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा जाने के निर्णय और नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद से जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी की स्थिति पैदा हो गई है। केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि जनता का गुस्सा स्वाभाविक है।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है। जब उन्होंने स्वयं यह निर्णय लिया है, तो हम क्या कर सकते हैं। यह सत्य है कि उनके राज्यसभा जाने से जनता में रोष है और यह स्वाभाविक है। केवल जदयू के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम जनता भी इस फैसले से दुखी है। नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक बिहार के लोगों के लिए काम किया है। राज्यसभा जाना उनके द्वारा लिया गया खुद का निर्णय है।
बेनीपुर विधानसभा सीट से जदयू विधायक विनय चौधरी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से हम सभी दुखी हैं, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि है। जदयू के कार्यकर्ता, विधायक और सांसद भी इस फैसले से निराश हैं। यह पहली बार हो रहा है कि जब कोई दो दशकों से ज्यादा समय तक किसी राज्य का नेतृत्व करे और जब वह जाने लगे तो जनता दुखी हो जाए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को जबसे राज्यसभा जाने की घोषणा की है, तबसे जदयू कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि जनता ने पांच वर्षों के लिए नीतीश कुमार के चेहरे पर बहुमत दिया था, और अब यदि वे राज्यसभा जाएंगे तो यह जनता के जनादेश का अपमान होगा।
जदयू कार्यकर्ताओं की मांग है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहें और प्रदेश की जनता की सेवा जारी रखें। जदयू कार्यकर्ताओं के साथ विधायक और सांसदों का पटना में आना जारी है।