राम नाथ ठाकुर का बयान: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने राज्यसभा में जाने के लिए विधान परिषद से इस्तीफा दिया।
- राम नाथ ठाकुर ने बताया कि अगला मुख्यमंत्री एनडीए का नेतृत्व तय करेगा।
- बिहार में विकास और सुशासन की सराहना की गई है।
- राजनीतिक बदलाव की संभावना पर चर्चा हो रही है।
- नीतीश कुमार के लंबी राजनीतिक यात्रा पर कोई दाग नहीं।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे और राज्यसभा में जाने की खबरों के बाद सियासी बयानबाजी में तेजी आई है। एनडीए के नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार अब विकसित बिहार बन गया है।
केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर ने कहा कि जब नीतीश कुमार राज्यसभा का चुनाव जीत चुके हैं, तो उनका दिल्ली आना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के नए मुख्यमंत्री का निर्णय एनडीए का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
राम नाथ ठाकुर ने यह भी कहा कि गठबंधन के विधायकों का निर्णय ही सर्वोपरि होगा और उस फैसले का सभी सम्मान करेंगे।
वहीं, जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार पिछले 20 वर्षों में काफी बदला है। एक समय था जब राज्य ‘जंगल राज’ के लिए बदनाम था, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास और सुशासन स्थापित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक करियर में नीतीश कुमार पर कोई दाग नहीं लगा है।
एलजेपी (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई भी मजबूर नहीं कर सकता। उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि बिहार में नई शुरुआत नए नेतृत्व के साथ होगी और उसमें उनका योगदान बना रहेगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
जदयू के नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित हो चुके हैं और यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य था। नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना है। हालांकि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। नीतीश कुमार 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, इसके बाद विधान परिषद की सदस्यता से उनके इस्तीफे की चर्चा शुरू हो गई थी।