एनडीए के नेतृत्व में बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा? रामकृपाल यादव की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधान परिषद से इस्तीफा दिया।
- रामकृपाल यादव ने एनडीए विधायक दल की बैठक की जानकारी दी।
- तारकिशोर प्रसाद ने नीतीश के नेतृत्व में विकास की बात की।
- शांभवी चौधरी ने नए मुख्यमंत्री के चयन पर चर्चा की।
- बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर है।
पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नीतीश कुमार के राज्यसभा में चुने जाने के बाद बिहार की राजनीति में एक नई हलचल शुरू हो गई है। प्रश्न उठ रहा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं और इसके तहत एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिसमें उन्हें शपथ लेनी होगी। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है।
रामकृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि आगे की दिशा स्पष्ट करने के लिए हमें कुछ समय का इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि एनडीए विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद विधायक दल से नए नेता का चयन किया जाएगा जो बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा।
वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने सामाजिक जीवन के इस चरण को अपनी इच्छा से चुना है। उनके नेतृत्व में बिहार ने हमेशा विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी बिहार के विकास में नीतीश कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
इसके साथ ही, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब भी कोई युवा राजनीति में कदम रखता है, तो वह नए जोश और उमंग के साथ आता है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
शांभवी चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार का नया मुख्यमंत्री चाहे जो भी बने, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, नीतीश कुमार के आशीर्वाद और चिराग पासवान के सहयोग से कार्य करेगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि जिस तेजी से अब तक बिहार का विकास हुआ है, उससे भी तेज गति से विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है और अब सभी की निगाहें एनडीए विधायक दल की बैठक एवं नए मुख्यमंत्री के चयन पर टिकी हुई हैं।