क्या नीतीश सरकार 1971 से बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट करेगी: गिरिराज सिंह?

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क्या नीतीश सरकार 1971 से बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट करेगी: गिरिराज सिंह?

सारांश

क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट करने की तैयारी कर रही है नीतीश सरकार? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बयान, चुनावी माहौल में बढ़ती सियासत। जानें इस मुद्दे पर क्या है गिरिराज का कहना।

Key Takeaways

  • 1971 से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाएगी।
  • नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए कई कार्य किए हैं।
  • बांग्लादेशी मुसलमानों को नागरिकता नहीं दी जाएगी।
  • राहुल गांधी की यात्रा पर गिरिराज सिंह ने तंज कसा।
  • एनडीए की सरकार बनने की संभावनाएं मजबूत हैं।

पूर्णिया, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते राजनीतिक माहौल में गरमी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने पर 1971 से बिहार में निवास कर रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा।

पूर्णिया में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा और वे इस विषय में कुछ नहीं कर पाएंगे।

गिरिराज सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी।

नीतीश सरकार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में एनडीए ने बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पानी और जल निकासी जैसे क्षेत्रों में अद्भुत प्रगति की है। इसलिए, एनडीए की वापसी निश्चित है।

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर 11 वर्षों में कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, जबकि यूपीए सरकार अपने 10 वर्षों के शासन में विवादों में रही। नीतीश कुमार ने 20 वर्षों में बिहार में विकास कार्य किए और उन पर भी कोई आरोप नहीं लगा। लालू यादव ने 15 वर्षों में बिहार के लिए कुछ नहीं किया, वे तो जेल भी गए हैं। वोटर अधिकार यात्रा के माध्यम से केवल भ्रम फैलाना चाहते हैं, उनके पास कोई मुद्दा नहीं है।

नीतीश कुमार के मदरसा बोर्ड के कार्यक्रम में टोपी न पहनने के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के लिए बड़े काम किए हैं, जो लालू प्रसाद यादव नहीं कर सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' के तहत बिना भेदभाव के सभी के लिए काम किया है और वह भी टोपी नहीं पहनते।

गिरिराज सिंह ने टोपी पहनने को नौटंकी करार देते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने टोपी न पहनकर सही किया, क्योंकि उन्होंने वास्तव में मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए कार्य किया है।

लालू यादव को नकली बताते हुए उन्होंने कहा, 'जो टोपी पहनने और छठ पूजा करने जैसे कार्य दिखावे के लिए करते हैं।'

योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद के बयान पर उन्होंने कहा कि जब वह योजना आयोग की सदस्य थीं, तब उन्होंने इंदिरा गांधी या सोनिया गांधी से बांग्लादेशी घुसपैठियों को नागरिकता देने की बात क्यों नहीं उठाई? गजवा-ए-हिंद जैसा उनका बयान देश के नागरिकों को पसंद नहीं है।

गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी मुसलमानों को भारत में नागरिकता नहीं दी जाएगी। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकाल रहे हैं। बिहार में अगली सरकार एनडीए की बनने जा रही है, और मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।

पप्पू यादव की ओर से राजद नेता तेजस्वी यादव को जननायक कहने पर कहा कि पैसे का हिसाब-किताब आयकर विभाग का काम है। उन्होंने कहा कि जो पप्पू यादव कहते हैं कि वह इतना पैसा बांटते हैं, वह कहां से आता है, आयकर विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए। पप्पू यादव पहले लालू यादव और तेजस्वी यादव का घोर विरोध करते थे और अब उनके बयान को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। गिरिराज सिंह ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी की स्वतंत्र पहचान न होने का भी दावा किया। यही बात उन्होंने राहुल गांधी के संदर्भ में भी कही।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि राजद महागठबंधन का मुख्य चेहरा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मंच पर वही बोलते हैं जो उन्हें बताया जाता है, और उनकी समझ सीमित है।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पहचान पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी गांधी परिवार में और तेजस्वी यादव लालू परिवार में पैदा न हुए होते, तो सामान्य परिवार में जन्म लेने पर उनकी कोई पहचान नहीं होती।

उन्होंने राहुल गांधी के आलू से सोना बनाने वाले बयान का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वह गेहूं की फसल या गाय के बछड़े की पहचान भी नहीं कर सकते। इससे साबित होता है कि वह देश की दशा और दिशा को समझने में असमर्थ हैं।

पूर्णिया दौरे को लेकर कहा कि एनडीए के कार्यकर्ताओं से मिलना चुनावी माहौल में स्वाभाविक है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील है। यह न केवल बिहार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और सभी पक्षों की राय को समझने का प्रयास करना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

गिरिराज सिंह ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में क्या कहा?
गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने पर 1971 से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जाएगा।
क्या नीतीश कुमार ने मुस्लिम समुदाय के लिए काम किया है?
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
क्या राहुल गांधी की यात्रा को महत्व दिया जाना चाहिए?
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर तंज करते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
क्या बांग्लादेशी मुसलमानों को भारत में नागरिकता मिलेगी?
गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी मुसलमानों को भारत में नागरिकता नहीं दी जाएगी।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की संभावनाएं क्या हैं?
गिरिराज सिंह का मानना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी।