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क्या पुलिस को पेशेवर, संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला होना चाहिए? : पीएम मोदी

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क्या पुलिस को पेशेवर, संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला होना चाहिए? : पीएम मोदी

सारांश

पीएम मोदी ने पुलिस की भूमिका में तकनीक के महत्व पर जोर दिया और भविष्य की पुलिसिंग के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता पर चर्चा की। इस सम्मेलन ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। क्या हम तैयार हैं?

मुख्य बातें

पुलिस को पेशेवर और संवेदनशील होना चाहिए।
डिजिटल युग में तकनीक का महत्व।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग।
सामाजिक सुरक्षा के लिए जागरूकता।

रायपुर, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। डायरेक्टर्स जनरल ऑफ पुलिस और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की 60वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस रविवार को समाप्त हुई। यह भारत के आंतरिक सुरक्षा ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।

विदाई सत्र में अपने भाषण में, पीएम मोदी ने डिजिटल युग में पुलिसिंग की बदलती भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया और पारंपरिक तरीकों से तकनीक-केंद्रित तरीकों में बदलाव लाने की आवश्यकता की बात की। उन्होंने कहा, "पुलिस को आम जनता और विशेषकर युवाओं का विश्वास जीतने के लिए एक नई रणनीति पर काम करना होगा।"

उन्होंने एक 'भविष्य की पुलिस' की कल्पना की, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड, उन्नत फोरेंसिक और डेटा-आधारित प्लेटफार्मों का उपयोग करके खतरों का पहले से ही सामना करने और प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने पर उन्होंने विशेष जोर दिया और डायल 112 हेल्पलाइन जैसे इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को देशभर में बढ़ाने का समर्थन किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस वर्ष की डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस बहुत सफल और उत्पादक रही। इस सम्मेलन में 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' विषय के तहत पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। पुलिस को पेशेवर, संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला होना चाहिए।

उन्होंने शहरीकरण और पर्यटन के बढ़ने के साथ-साथ शहरी और पर्यटन से जुड़ी पुलिसिंग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और नागरिक सुरक्षा कानून के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके पुलिस बल को बेहतर इंटेलिजेंस बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने और समाज में ड्रग्स के खतरे को कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिसिंग में भी सरकार के 'पूरी सरकार' के दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में इंटेलिजेंस ब्यूरो के कुछ अधिकारियों को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल देकर उनकी सेवा की सराहना की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि हम एक सुरक्षित और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ें।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पीएम मोदी ने पुलिसिंग की नई रणनीतियों पर जोर दिया?
जी हां, पीएम मोदी ने डिजिटल तकनीक के साथ पुलिसिंग की नई रणनीतियों की आवश्यकता पर बल दिया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई?
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए नई नीतियों और डायल 112 हेल्पलाइन के विस्तार पर चर्चा हुई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे किया जाएगा?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पुलिस बल की इंटेलिजेंस और प्रतिक्रिया क्षमताओं को सुधारने के लिए किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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