क्या प्रवासी भारतीय दिवस भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण है? जानिए
सारांश
Key Takeaways
- प्रवासी भारतीय दिवस 9 जनवरी को मनाया जाता है।
- यह दिन महात्मा गांधी के योगदान को याद करता है।
- प्रवासी भारतीय निवेश, तकनीक, और संस्कृति में योगदान देते हैं।
- यह दिवस युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- प्रवासी भारतीय भारत की पहचान और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को मनाया जाने वाला प्रवासी भारतीय दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उन वैश्विक भारतीय समुदाय का सम्मान करने का दिन है, जो देश की सीमाओं के बाहर रहकर भी भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आज, दुनिया के 100 से अधिक देशों में करोड़ों भारतीय मूल के लोग निवास कर रहे हैं। ये लोग न केवल भारत की पहचान हैं, बल्कि निवेश, तकनीक, शिक्षा, और संस्कृति के माध्यम से इसे लगातार सशक्त कर रहे हैं।
9 जनवरी 1915 का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटकर अनेक सत्याग्रह आंदोलनों की नींव रखी और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया। इसी ऐतिहासिक कारण से 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में चुना गया, ताकि विदेश में रह रहे भारतीयों के योगदान को याद किया जा सके।
भारत के लिए प्रवासी भारतीय दिवस का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह निवेश को बढ़ावा देता है। विदेशों में रहने वाले भारतीय आज बड़ी कंपनियों के सीईओ हैं, स्टार्टअप्स के संस्थापक हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जब ये व्यक्ति भारत में निवेश करते हैं, तो वे केवल धन नहीं लाते, बल्कि भरोसा, अनुभव, और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी साथ लाते हैं। रियल एस्टेट से लेकर स्टार्टअप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर तक, प्रवासी भारतीयों का निवेश भारत की विकास यात्रा को नई गति देता है।
आज भारत का नाम आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक, और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है। इसमें प्रवासी भारतीयों का योगदान अहम है। सिलिकॉन वैली से लेकर यूरोप तक, भारतीय मूल के वैज्ञानिक, इंजीनियर, और तकनीकी विशेषज्ञ भारत के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। कई लोग मेंटर बनकर युवाओं को सही दिशा दिखा रहे हैं, तो कई नई तकनीक और अनुसंधान को भारत तक पहुंचा रहे हैं।
प्रवासी भारतीय दिवस भारतीय युवाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। विदेश में सफल हुए भारतीयों की कहानियां युवाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती हैं। सम्मेलन के दौरान जब युवा उद्यमी, छात्र, और पेशेवर प्रवासी भारतीयों से सीधे संवाद करते हैं, तो उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि मेहनत, शिक्षा, और नवाचार से वैश्विक स्तर पर कैसे पहचान बनाई जा सकती है।
प्रवासी भारतीय केवल आर्थिक योगदान तक सीमित नहीं हैं। वे भारत की संस्कृति, परंपरा, और भाषा को दुनिया के हर कोने तक पहुंचा रहे हैं। योग, भारतीय खाना, त्योहार, और बॉलीवुड—इन सबकी वैश्विक लोकप्रियता में प्रवासी भारतीयों की बड़ी भूमिका है। प्रवासी भारतीय दिवस इसी सांस्कृतिक संबंध को और मजबूत करता है।