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क्या सरकार पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: सौरभ भारद्वाज?

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क्या सरकार पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: सौरभ भारद्वाज?

सारांश

सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। क्या यह लोकतंत्र के लिए खतरा है? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।
भारत एक पुलिस स्टेट में बदल रहा है।
लोकतंत्र को खतरा है।
आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पुलिस और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा देश को भय और दबाव के माहौल में चला रही है।

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में भारत को एक ‘पुलिस स्टेट’ में तब्दील कर दिया गया है, जहां आम नागरिक सच बोलने से डर रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने आरोप लगाया कि घाट के टूटे हुए हिस्सों के बारे में स्थानीय लोग मीडिया से बात करने से कतरा रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति घाट की बदहाली पर बोलने की कोशिश करता है, सादे कपड़ों में मौजूद खुफिया एजेंसियों के अधिकारी उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर देते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना और सवालों से बचने के लिए पुलिस और एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना है कि जनता को चुप कराने की यह नीति देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है।

आप नेता ने नोएडा का जिक्र करते हुए इंजीनियर युवराज की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस युवराज की जान तो नहीं बचा सकी, लेकिन अब सरकार के पक्ष में बयान बदलवाने के लिए चश्मदीद गवाहों को डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने इसे न्याय के साथ सीधा खिलवाड़ बताया।

इसके अलावा, उन्होंने संभल की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक जज का तबादला सिर्फ इसलिए कर दिया गया क्योंकि उन्होंने एक कुख्यात पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी को भाजपा का ‘पोस्टर बॉय’ बनाया गया है और उसे कानून से ऊपर समझा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि पुलिस को जनता को डराने, लूटने और परेशान करने की खुली छूट दे दी गई है।

भारद्वाज ने कहा कि देश में कानून का राज कमजोर हो रहा है और भय के सहारे शासन चलाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा पर आरोप क्यों लगाए गए हैं?
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है, जिससे लोकतंत्र को खतरा हो सकता है।
पुलिस राज्य का क्या मतलब है?
पुलिस राज्य एक ऐसी स्थिति है जहां पुलिस का दुरुपयोग किया जाता है और नागरिकों को डराने-धमकाने का काम किया जाता है।
क्या यह मामला न्याय के लिए खतरा है?
अगर पुलिस और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग जारी रहा, तो यह न्याय व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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