क्या शिवसेना (शिंदे गुट) के जीते पार्षद होटल में भाजपा का मेयर बनेगा? संजय राउत का तंज
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र में कोई स्पष्ट बहुमत नहीं है।
- भाजपा का मेयर बनने का दावा सवालों के घेरे में है।
- संजय राउत ने पार्षदों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
- होटल में पार्षदों का रहना राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है।
- जनता को नेताओं की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा का मेयर बनेगा, लेकिन कोई भी इस बात को स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं है कि यह कैसे संभव होगा?
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निश्चित रूप से यह बात खारिज नहीं की जा सकती है कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में यह कहना कि भाजपा का मेयर बनेगा, यह अव्यावहारिक प्रतीत होता है।
इसके अलावा, यदि इस दिशा में कोई कदम उठाया भी जाता है, तो मैं यही कहूंगा कि यह एक बैसाखियों पर खड़ा मेयर होगा, जिसकी राजनीतिक प्रासंगिकता जल्द ही समाप्त हो जाएगी।
संजय राउत ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के चुनाव के परिणाम आने के बाद एकनाथ शिंदे अपने 20-25 पार्षदों को लेकर होटल में चले गए हैं। मुझे नहीं पता कि वे इस कदम से अपने सहयोगी दलों को क्या संदेश देना चाहते हैं, लेकिन यह सच है कि उनके इस कदम से होटल में रहने वाले अन्य लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुझे जानकारी मिली है कि होटल में रह रहे कई लोग कह रहे हैं कि वे खुद को कैद में महसूस कर रहे हैं। इस स्थिति में मेरा सीधा सवाल है कि क्या हम इस तरह की तस्वीर को महाराष्ट्र की राजनीति में स्वीकार कर सकते हैं?
संजय राउत ने कहा कि इससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। महाराष्ट्र में भाजपा का मुख्यमंत्री और सरकार है। इसके बावजूद पार्षदों को होटल में रखा गया है। सवाल सीधा है कि क्यों? इसके पीछे किसका डर है? इस बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। आज महाराष्ट्र की जनता को उस डर की पूरी परिभाषा बताई जानी चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि इन्हें सामने आकर बताना चाहिए कि आखिर किसका डर है? हमारे पार्षदों को तो किसी बात का डर नहीं है। वे तो ‘मातोश्री’ आते हैं, बैठक करते हैं, हर मुद्दे पर खुलकर बात करते हैं और चले जाते हैं। उन्हें किसी बात का डर नहीं है। आखिर इन लोगों को किस बात का डर है कि अपने पार्षदों को होटल में छुपाकर रखा है। इस बारे में पूरी तस्वीर साफ की जानी चाहिए।