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क्या एसआईआर लोकतंत्र और प्रजातंत्र के लिए अनिवार्य है?: शाइना एनसी

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क्या एसआईआर लोकतंत्र और प्रजातंत्र के लिए अनिवार्य है?: शाइना एनसी

सारांश

चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों में एसआईआर की घोषणा ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने इसे लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताया है। जानिए उनके विचार और एसआईआर का महत्व।

मुख्य बातें

एसआईआर का उद्देश्य चुनावों में पारदर्शिता लाना है।
यह अभियान 12 राज्यों में चलाया जाएगा।
51 करोड़ मतदाता इसके तहत आएंगे।
शाइना एनसी का मानना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह आवश्यक है।

मुंबई, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद राजनीति के गलियारों में सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने एसआईआर को लोकतंत्र और प्रजातंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक बताया है।

शाइना एनसी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी विशेष गहन समीक्षा की आवश्यकता है। यह अभियान केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार और कई केंद्र शासित प्रदेशों सहित 12 राज्यों में आयोजित किया जाएगा और चुनाव आयोग द्वारा घोषित लगभग 51 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचेगा। यह एक महत्वपूर्ण पहल है, और ज्ञानेश कुमार द्वारा इसकी घोषणा सभी की स्वीकृति के योग्य थी।"

उन्होंने आगे कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है, तो वे यह शोर मचाते हैं कि वोट चोरी हो रहे हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता। एसआईआर से चुनावों में पारदर्शिता आती है, जिससे भविष्य में सभी को लाभ होगा।

शिवसेना नेता ने कहा, "असम कांग्रेस बांग्लादेशियों के साथ खेल खेलते हुए बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाती है, और उन्होंने इंदिरा भवन में भी ऐसा किया। मुझे लगता है कि इससे बड़ा अपमानजनक और शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। राष्ट्रगान हमारी देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रतीक है। अगर कोई यहां दूसरे देश का राष्ट्रगान गाना चाहता है, तो उसे भारत छोड़ देना चाहिए।"

टीएमसी मंत्री फिरहाद हकीम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शाइना एनसी ने कहा, "पश्चिम बंगाल के यह मंत्री फिरहाद हकीम कौन हैं, जो कहते हैं, 'अगर सीएए लागू हुआ, तो हम तुम्हारी टांगें तोड़ देंगे'? शायद उन्हें यह समझना चाहिए कि जिस तरह से लोगों ने उन्हें और ममता बनर्जी को नकार दिया है, उससे स्पष्ट है कि चाहे वह सीएए हो, एनआरसी हो या एसआईआर हो, वे झूठे आख्यान फैला सकते हैं, लेकिन हम अपना काम करते रहेंगे।"

उन्होंने कहा कि टांग तोड़ने की बात करें तो जनता ने आपको जवाब दे दिया है और भविष्य में और जवाब देने वाली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि एसआईआर की घोषणा एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास है। हालांकि, इसकी सफलता निर्भर करती है कि इसे किस तरह लागू किया जाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाइना एनसी ने एसआईआर के बारे में क्या कहा?
उन्होंने इसे लोकतंत्र और प्रजातंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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