क्या उपराष्ट्रपति पद के एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की तमिलनाडु यात्रा राजनीतिक समीकरण बदल देगी?

सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को है।
- तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं।
- राधाकृष्णन का समर्थन जुटाने का प्रयास।
- सुदर्शन रेड्डी का संविधान की रक्षा पर जोर।
- चुनाव के परिणामों का राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव।
चेन्नई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के साथ ही तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक दोनों ने अपने अभियान को और तेज कर दिया है।
एनडीए के उम्मीदवार सीपी. राधाकृष्णन मंगलवार को चेन्नई पहुँचेंगे, जबकि 'इंडिया' ब्लॉक के उम्मीदवार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुदर्शन रेड्डी रविवार को समर्थन जुटाने के लिए शहर आए।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, राधाकृष्णन अपनी यात्रा के दौरान एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
पार्टी का समर्थन प्राप्त करने के लिए उनके 26 या 27 अगस्त को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से मिलने की उम्मीद है।
राधाकृष्णन तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) के अध्यक्ष जी.के. वासन और गठबंधन के अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
अपने प्रवास के दौरान, उनके भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कमलालायम जाने और वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत करने की संभावना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रचार अभियान उनकी उम्मीदवारी के लिए एनडीए के सामूहिक समर्थन को मजबूती देने पर केन्द्रित होगा।
इस बीच, 'इंडिया' ब्लॉक द्वारा मैदान में उतारे गए सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को चेन्नई में तमिलनाडु चुनाव प्रचार की शुरुआत की। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और वरिष्ठ डीएमके नेताओं से भी मुलाकात की, जहां 'इंडिया' ब्लॉक के सांसद भी उपस्थित थे।
मुलाकात के दौरान, रेड्डी ने संविधान की रक्षा में दशकों की अपनी कानूनी सेवा के बारे में बताया और निर्वाचित होने पर इसके मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया।
उन्होंने संघवाद और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में तमिलनाडु के नेतृत्व की प्रशंसा की, साथ ही राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों के प्रति चेतावनी भी दी।
उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले तमिलनाडु के महत्व को ये दोनों चुनावी कदम उजागर करते हैं।
जहाँ एनडीए अन्नाद्रमुक और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ अपने गठबंधन पर निर्भर है, वहीं 'इंडिया' ब्लॉक रेड्डी को 'राजनीतिक उथल-पुथल के समय संवैधानिक मूल्यों की रक्षा' के लिए प्रतिबद्ध उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहा है।
बता दें कि जैसे-जैसे 9 सितंबर का चुनाव नजदीक आ रहा है, दोनों उम्मीदवारों की यात्राएं मुकाबले को दिलचस्प बना दी हैं। वहीं, इसमें तमिलनाडु राष्ट्रीय चुनाव प्रचार अभियान में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में उभर रहा है।