क्या विजय ही एकमात्र नेता हैं जो डीएमके को हरा सकते हैं? : सेंगोत्तैयान
सारांश
Key Takeaways
- विजय की लोकप्रियता ने उन्हें एकमात्र नेता बनाया जो डीएमके को चुनौती दे सकते हैं।
- सेंगोत्तैयान ने विजय के बलिदान को सराहा।
- टीवीके की बैठक ने संगठनात्मक दृष्टिकोण को नया रूप दिया।
- कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
- विजय ने मंच पर वरिष्ठ नीति निर्माताओं को सम्मानित किया।
चेन्नई, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता से राजनेता बने विजय को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके को हराने के लिए एकमात्र नेता माना जा रहा है, यह बात टीवीके के वरिष्ठ नेता केए सेंगोत्तैयान ने रविवार को बताई।
मामल्लापुरम में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की उद्घाटन कार्यकर्ता बैठक में बोलते हुए सेंगोत्तैयान ने कहा कि विजय को सभी दलों का समर्थन प्राप्त है और उनकी लोकप्रियता डीएमके सहित प्रतिद्वंद्वियों के पारंपरिक परिवारों तक फैली हुई है।
उन्होंने कहा कि विजय के लिए हर पार्टी के पास वोट हैं। सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता उन्हें देखने के लिए उत्सुक हैं। इस स्तर पर गठबंधन की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि विजय में अकेले ही दस दलों के गठबंधन को तोड़ने की क्षमता है।
सेंगोत्तैयान ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने सुझाव दिया कि सोते हुए लोगों या बुजुर्गों के पास सीटी न बजाएं। इससे वे भ्रमित हो सकते हैं और हमें वोटों का नुकसान हो सकता है। कार्यकर्ताओं को सावधानी और जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
विजय के व्यक्तिगत बलिदान पर प्रकाश डालते हुए सेंगोत्तैयान ने कहा कि उन्होंने एमजीआर सहित कई करिश्माई नेताओं का उदय देखा है, लेकिन विजय का राजनीति में प्रवेश असाधारण था।
उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने जनता की सेवा के लिए राजनीति में आने का निर्णय लिया और 1000 करोड़ रुपए की वार्षिक आय को त्याग दिया। यही उन्हें अन्य नेताओं से अलग करता है। उन्होंने विजय को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया जो सुविधा के बजाय प्रतिबद्धता से प्रेरित हैं।
मामल्लापुरम में हुई बैठक टीवीके के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था, क्योंकि पार्टी को अपना आधिकारिक चिन्ह मिलने के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी।
एन. आनंद सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने इस सत्र में भाग लिया, जिसमें कार्यकर्ताओं को संगठित करने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विजय ने ऐतिहासिक भाषा आंदोलन के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और भाषाई गौरव और सामाजिक न्याय पर अपनी पार्टी की वैचारिक स्थिति को दोहराया। उन्होंने मंच पर उपस्थित वरिष्ठ नीति निर्माताओं पर फूल बरसाए और पार्टी की दृष्टि को आकार देने में उनकी भूमिका को स्वीकार किया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही विजय का जोरदार स्वागत हुआ। स्वयंसेवकों ने सीटी बजाकर और जोर-जोर से जयकारे लगाकर उनका अभिनंदन किया।