क्या विपक्ष का काम सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाना है? : आनंद दुबे
सारांश
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मुंबई, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का कर्तव्य है कि वह सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाए।
आनंद दुबे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और वे देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हैं। चीन द्वारा भारत की एक इंच जमीन भी कब्जा करना गलत है और इसका विरोध होना चाहिए। 1962 के बाद से सीमा विवाद जारी है। कभी-कभी दोनों सेनाओं के बीच झड़प के वीडियो भी सामने आए हैं। 2020 में 20 जवान शहीद भी हो गए। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राहुल गांधी देशभक्त नहीं हैं। ऐसे में इस विवरण पर हम क्या कह सकते हैं। विपक्ष का काम सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाना होता है। अगर सरकार गैर-जिम्मेदार है तो आवाज उठानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के बीच में आने की वजह से भाजपा को राहुल गांधी को घेरने का मौका मिल गया। राहुल गांधी कोर्ट का सम्मान करते हैं और पेश भी होते हैं।
गुजरात में यूसीसी पर समिति की रिपोर्ट को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि यदि गुजरात सरकार मानसून सत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल ला रही है तो यह उसका कार्य है। यह सभी को समान कानून से जीने का अधिकार देता है, चाहे कोई भी जाति या धर्म हो। इसके ड्राफ्ट और नियमों पर विपक्ष को विश्वास में लेकर बातचीत होनी चाहिए। इसे एकतरफा लागू करना दुखद होगा और सरकार की मनमानी प्रतीत होगी।
दुबे ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था ममता बनर्जी सरकार के हाथ में है। किसी भी नेता पर हमला करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। यह जांच होनी चाहिए कि हमलावर किस पार्टी या नेता से जुड़े थे। राजनीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार जांच करे।
आनंद दुबे ने उत्तराखंड की आपदा को लेकर गहरा दुख जताया। उन्होंने उत्तरकाशी में हुई भयानक प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के प्रति संवेदना तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्र सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना राहत-बचाव कार्य में जुटी है। नदियों और पहाड़ों के किनारे अतिक्रमण कर बने घर-होटलों पर नियम बनाए जाएं, ताकि भविष्य में नुकसान कम हो। प्राकृतिक आपदाएं टाली नहीं जा सकती हैं।