क्या यमन के जेल में बंद केरल की नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई संभव है?

Click to start listening
क्या यमन के जेल में बंद केरल की नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई संभव है?

सारांश

यमन में मौत की सजा का सामना कर रही केरल की नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए प्रयास तेज हो चुके हैं। क्या वह जल्द ही अपने घर लौट पाएंगी? जानिए इस जटिल मामले के सभी पहलुओं को।

Key Takeaways

  • निमिषा प्रिया के मामले में रिहाई के प्रयास जारी हैं।
  • बातचीत खाड़ी देशों में हो रही है।
  • कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है।
  • परिवार को समर्थन मिल रहा है।
  • मानवीय प्रयास जारी हैं कि वह केरल वापस लौट सके।

तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। यमन में मौत की सजा का सामना कर रही केरल की नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई के प्रयासों में तेजी आई है।

विधायक चांडी ओमन के अनुसार, खाड़ी देशों विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात और कतर में यमन से जुड़े प्रवासी व्यापारियों के माध्यम से बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है।

ओमन ने कहा, "कंथापुरम समूह के नेतृत्व में चल रहे मध्यस्थता प्रयासों को दरकिनार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में सकारात्मक खबरों की उम्मीद है।"

ओमन, केरल के दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के पुत्र हैं। ओमन चांडी की मृत्यु 2023 में हुई थी। अपने निधन तक वह इस मामले को लेकर सक्रिय रहे थे।

ओमन ने तीन बार केरल के राज्यपाल राजेंद्र वी. आर्लेकर से इस मामले को केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया है।

पलक्कड़ की मूल निवासी प्रिया को 2020 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार तलाल अब्दो महदी की 2017 में हुई हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिया ने कई महीनों तक उसके द्वारा शारीरिक और मानसिक शोषण सहने के बाद दबाव में आकर यह कदम उठाया, जिसके परिणामस्वरूप उसे घातक दवा का ओवरडोज दिया गया।

इस साल 16 जुलाई को यमन के अधिकारियों द्वारा उसकी फांसी की तारीख तय किए जाने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आया है।

केरल के मुस्लिम विद्वान और भारत के ग्रैंड मुफ्ती, कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार के नेतृत्व में किए गए निरंतर हस्तक्षेपों के कारण अंतिम समय में फांसी पर रोक लगवाने में सफलता मिली।

मुफ्ती के नेटवर्क, खासकर यमन के प्रमुख धर्मगुरु शेख हबीब उमर के साथ उनके संबंधों को बातचीत का मार्ग प्रशस्त करने का श्रेय दिया जाता है।

यमन में इस्लामी दर्शन का अध्ययन करने वाले मुफ्ती के एक करीबी सहयोगी जवाद मुस्तफावी ने इस बात पर जोर दिया कि उनके मिशन का एकमात्र उद्देश्य उसकी रिहाई है।

राजनयिक और मानवीय प्रयास अब पीड़िता के परिवार, जो यमन के कानूनी ढांचे के तहत अंतिम निर्णयकर्ता कर्ता हैं, को मनाने पर केंद्रित हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं सहित एक यमनी प्रतिनिधिमंडल ने सुलह और मुआवजे की संभावनाओं का पता लगाने के लिए शोक संतप्त परिवार से संपर्क किया था।

खाड़ी देशों में धार्मिक और मानवीय हस्तक्षेपों के साथ-साथ बातचीत के जोर पकड़ने के साथ ये उम्मीद बनी है कि निमिषा को न केवल मौत की सजा से बचाया जा सकेगा, बल्कि वह केरल वापस आ सकेगी।

Point of View

बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय प्रयासों और राजनयिक दावों की भी एक जटिल परत है। देश के हित में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर नागरिक की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की जाए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

निमिषा प्रिया को कब गिरफ्तार किया गया था?
निमिषा प्रिया को 2020 में गिरफ्तार किया गया था।
क्या उसके मामले में कोई सकारात्मक विकास हुआ है?
जी हां, विधायक चांडी ओमन के अनुसार, उनकी रिहाई के लिए बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है।
क्या यमन में उसके खिलाफ कोई कानूनी प्रक्रिया है?
हां, निमिषा प्रिया को यमन में हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है।
क्या उसके परिवार को इस मामले में सहायता मिल रही है?
जी हां, राजनयिक और मानवीय प्रयास उसके परिवार को समर्थन देने पर केंद्रित हैं।
क्या यमन में धार्मिक हस्तक्षेप हो रहे हैं?
जी हां, यमन के प्रमुख धर्मगुरुओं के माध्यम से हस्तक्षेप किया जा रहा है।