भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने लाल सिंह आर्य बोले — 'नितिन नवीन के भरोसे पर खरा उतरूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने 18 अगस्त 2026 को भोपाल में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि वे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर खरे उतरेंगे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए जाने के बाद आर्य ने स्पष्ट किया कि 43 वर्षों के राजनीतिक अनुभव के बल पर वे संगठन को और मजबूत करेंगे।
नेतृत्व का आभार और प्रतिबद्धता
आर्य ने कहा, 'राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से मुझे भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर जो जिम्मेदारी दी गई है, वह संगठन की एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित समस्त वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से सत्ता हासिल कर पूरी ताकत के साथ जनसेवा का काम जारी रखेंगे।
संतुलित टीम और अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व
आर्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम को 'सत्ता और संगठन के अनुभव का संतुलित मेल' बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि उन्होंने जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अनुसूचित जाति के बीच काम किया है और इस वर्ग से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के बाद देशभर से आ रहे फोन इस बात का प्रमाण हैं कि उनका जनाधार व्यापक है।
संत रविदास जयंती और सांस्कृतिक पुनरुत्थान
आर्य ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर पूरे देश में मनाई जा रही है। उन्होंने आलोचना की कि आजादी के बाद 60 वर्षों के कांग्रेस शासन में रविदास, बिरसा मुंडा और महर्षि वाल्मिकी जैसे महापुरुषों को भुला दिया गया। उनके नाम पर हवाई अड्डे तक नहीं बने। वर्तमान सरकार ने सरदार पटेल, महाराणा प्रताप, बिरसा मुंडा, डॉ. भीमराव अंबेडकर के पंचतीर्थ और रविदास स्मारकों सहित सांस्कृतिक धरोहरों की ओर ध्यान दिया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के पुनरुद्धार पर जोर
आर्य ने केदारनाथ कॉरिडोर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल कॉरिडोर जैसे प्रकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ये निर्णय समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना साकार होते देश देख रहा है।
आगे की राह
नई भूमिका में आर्य का ध्यान अनुसूचित जाति वर्ग के बीच भाजपा का संगठनात्मक आधार और मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पार्टी आगामी राज्य चुनावों की तैयारी में जुटी है और दलित-वंचित वर्गों तक अपनी पहुँच बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है।