क्या लखनऊ की एसटीएफ ने मुरादाबाद में चोरी के ट्रैक्टर और इंजन बरामद किए?

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क्या लखनऊ की एसटीएफ ने मुरादाबाद में चोरी के ट्रैक्टर और इंजन बरामद किए?

सारांश

उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने मुरादाबाद में चोरी के ट्रैक्टरों और इंजन का बड़ा जाल पकड़ लिया है। क्या ये अभियुक्त उत्तर भारत में चोरी की घटनाओं के पीछे हैं? जानिए इस विशेष रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

एसटीएफ ने मुरादाबाद में चोरी के ट्रैक्टर और इंजन बरामद किए।
चार अभियुक्त गिरफ्तार हुए हैं।
गिरोह का नेटवर्क उत्तर भारत में फैला हुआ है।
अवैध बिक्री की योजना को नाकाम किया गया।
कासिम मुख्य आरोपी है जो ट्रैक्टर खरीदता था।

लखनऊ, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। टीम ने मुरादाबाद के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में असम और पश्चिम बंगाल से चुराए गए चार ट्रैक्टर, एक कैंटर और दो जॉन डियर इंजन बरामद किए हैं। इस मामले में चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है, जिनमें कासिम, शेरपाल, मुस्तकीम और जाने आलम शामिल हैं।

एसटीएफ के अनुसार, ये अपराधी एक कैंटर में चोरी के ट्रैक्टर के पार्ट्स और इंजन को बेचने की योजना बना रहे थे। मुखबिर की सूचना के आधार पर, एसटीएफ टीम ने परीक्षितगढ़ से हाकिमपुर स्टेशन रोड पर स्थित बड़े तालाब के पास संदिग्ध वाहनों को रोका और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी के ट्रैक्टर और इंजन के साथ-साथ चार मोबाइल फोन भी मिले।

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कासिम असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से चोरी के ट्रैक्टर खरीदकर मुरादाबाद लाता था। वह इन ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर, इंजन नंबर और मर्का प्लेट बदलकर इन्हें अधिक कीमत पर बेचता था।

आरोपी शेरपाल ने बताया कि वह एक कैंटर चालक था जो विभिन्न राज्यों से माल लेकर आता था, जिसमें चोरी के ट्रैक्टर और इंजन भी शामिल थे। इस मामले में परीक्षितगढ़ थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एसटीएफ ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ था और चोरी के ट्रैक्टरों और इंजन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजकर अवैध बिक्री की जा रही थी। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनकी निशानदेही पर बेचे गए ट्रैक्टरों की तलाश की जा रही है। साथ ही इनके अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है।

एसटीएफ ने कहा कि उन्हें कई दिनों से इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी और यूपीएसटीएफ इनकी तलाश में थी। बुधवार को जैसे ही सही सूचना मिली, टीम का गठन कर इन्हें ट्रैक्टर और कैंटर के साथ गिरफ्तार किया गया। अब इनका आपराधिक रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह दर्शाती है कि कैसे संगठित अपराधी गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि एसटीएफ ने इस गिरोह को पकड़कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसटीएफ ने कितने अभियुक्तों को गिरफ्तार किया?
एसटीएफ ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
चोरी के ट्रैक्टर और इंजन कहाँ से बरामद किए गए?
ये ट्रैक्टर और इंजन असम और पश्चिम बंगाल से चोरी किए गए थे।
आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
आरोपियों के खिलाफ परीक्षितगढ़ थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या इस गिरोह का नेटवर्क बड़ा है?
हां, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस गिरोह का नेटवर्क पूरे उत्तर भारत में फैला हुआ है।
कासिम का क्या रोल था?
कासिम असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से चोरी के ट्रैक्टर खरीदकर मुरादाबाद लाता था और उन्हें अधिक दाम पर बेचता था।
राष्ट्र प्रेस