मध्य प्रदेश में 26 सितंबर से 10 दिवसीय आंगन मिलन कार्यक्रम, CM मोहन यादव ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 16 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक 10 दिवसीय आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर शुरू हो रहे सेवा संकल्प अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
आंगन मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि आंगन मिलन कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं और बच्चों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान 'सशक्त नारी, सशक्त परिवार और सशक्त मध्यप्रदेश' के संकल्प की दिशा में एक ठोस कदम है।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम राज्य भर के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से आयोजित किए जाने की योजना है, जहाँ सीधे लाभार्थियों तक सेवाएँ पहुँचाई जाएंगी।
PM मोदी की नारी शक्ति नीति का संदर्भ
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सदैव नारी शक्ति को प्राथमिकता दी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विशेष उल्लेख किया, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण का प्रावधान करता है।
यादव ने कहा कि विपक्षी दलों ने इस अधिनियम का विरोध किया, लेकिन उनका यह भी कहना था कि एक दिन महिलाओं को उनका हक जरूर मिलेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस अभी भी जारी है।
मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत है। सेवा और संकल्प की भावना के साथ राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की माताओं और बहनों को अधिक अवसर और सम्मान मिले।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी नेटवर्क के माध्यम से महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सेवाएँ बड़े पैमाने पर संचालित होती हैं, और इस 10 दिवसीय कार्यक्रम के ज़रिये इन सेवाओं की पहुँच को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आगे की राह
आंगन मिलन कार्यक्रम 26 सितंबर 2026 से शुरू होकर 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। राज्य सरकार के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न जागरूकता, स्वास्थ्य और कौशल विकास गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लाभार्थियों तक सेवाएँ कितनी प्रभावी ढंग से पहुँचती हैं।