मध्य प्रदेश में PM मोदी के जन्मदिन पर दीपावली जैसा जश्न, सीएम मोहन यादव ने की सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 सितंबर 2026 को ऐलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन — 17 सितंबर — को राज्य के हर गांव और वार्ड में दीपावली जैसा उत्सव मनाया जाएगा। इसी अवसर से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा।
सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सत्ता के नहीं, बल्कि निरंतर सेवा और राष्ट्र निर्माण के वर्ष हैं। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा में जनसेवा उनका मूल संकल्प रही है।
अभियान का प्रतीकात्मक शुभारंभ 'आर्शीवाद का दीया' कार्यक्रम से होगा। यादव ने कहा, 'यह दीपक हम सबके मन की प्रसन्नता के प्रकटीकरण का प्रतीक बनेगा।' शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधियों से भव्यता और उल्लास के साथ इस अभियान में भागीदारी का आह्वान किया गया है।
किन्हें जोड़ा जाएगा अभियान से
महिला स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी, किसान, पशुपालक, मछुआरे, युवा, विद्यार्थी और स्वामित्व योजना के हितग्राही इस अभियान से जोड़े जाएंगे। प्रदेश के आमजन को मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, प्रधानमंत्री आवास योजना और 'हर घर जल' जैसी केंद्रीय योजनाओं की उपलब्धियों से भी अवगत कराया जाएगा।
50 लाख रजिस्ट्रियां और नई सुविधाएं
सेवा संकल्प अभियान की अवधि में मध्य प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्रियां की जाएंगी, जिसमें भूमि स्वामियों के पक्ष में निःशुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया भी शामिल होगी। यह कदम राज्य के भूमि अभिलेखों को नियमित करने की दिशा में उल्लेखनीय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर राज्य में सुगम यात्री बसों का संचालन भी आरंभ होगा — इसे अभियान का एक प्रमुख सार्वजनिक लाभ बताया जा रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्य प्रतिवर्ष 17 सितंबर को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाते हैं। मध्य प्रदेश की यह तैयारी उस राष्ट्रव्यापी आयोजन की कड़ी है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें समन्वित सेवा कार्यक्रम चलाती हैं। अभियान के ज़रिये सरकारी योजनाओं की पहुंच और जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
आगामी एक माह में राज्य सरकार की नज़र इस अभियान के जन-लाभ की उपलब्धियों को सामने लाने पर होगी, जो आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही हैं।