क्या मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है? : उमंग सिंघार
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट ने भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था की वास्तविकता को उजागर किया है। बच्चों पर अपराधों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, और महिलाओं पर अपराधों में लगातार तीसरे वर्ष पाँचवें स्थान पर है। नवरात्रि के नौ दिन भक्ति और आराधना के होते हैं, लेकिन इसी दौरान 22 से 30 सितंबर के बीच 148 महिलाएं और बच्चियां गुम हुईं, और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। महिलाओं पर अत्याचार और प्रताड़ना की 180 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी खुला घूम रहे हैं और सरकार मंचों पर केवल झूठे दावे कर रही है। बेटियां, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक असुरक्षित हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैंने कई बार सुझाव दिया है कि मुख्यमंत्री को गृह विभाग किसी और को सौंप देना चाहिए। लेकिन, जानें उन्हें गृह विभाग से ऐसा क्या मोह है, न संचालन ठीक से कर पा रहे हैं और न ही अपराधों पर रोक लगा पा रहे हैं।
पूर्व विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तमाम दावों के बावजूद एनसीआरबी रिपोर्ट एक बार फिर हकीकत बयां कर रही है। हत्या, लूट, बलात्कार और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं पर अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश का बच्चों से होने वाले अपराध के मामलों में देशभर में पहले स्थान पर होना शर्मनाक है। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार न तो कानून-व्यवस्था संभाल पा रही है और न ही मासूमों की सुरक्षा कर पा रही है। कई बार सरकार बनाने के बावजूद अगर अपराध दर साल-दर-साल बढ़ रही है, तो यह सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। भाजपा केवल चुनावी जुमलों में व्यस्त है, उसे जनता की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है।