क्या मध्य प्रदेश में समाधान योजना में लापरवाही बर्दाश्त की जाएगी? प्रद्युम्न सिंह तोमर
सारांश
Key Takeaways
- समाधान योजना में लापरवाही नहीं होगी।
- किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए।
- उपभोक्ताओं के 745 करोड़ 92 लाख रुपए जमा किए गए हैं।
- बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- गलत बिजली बिलों को सुधारने की प्रक्रिया प्राथमिकता में है।
भोपाल, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने स्पष्ट किया है कि समाधान योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विभागीय योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री तोमर ने कहा कि किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। ट्रिपिंग की समस्या को न्यूनतम करना आवश्यक है। समाधान योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री तोमर ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं से बातचीत कर विद्युत आपूर्ति और समाधान योजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। मेंटेनेंस में कोई भी कोताही नहीं होनी चाहिए। समाधान योजना में कितनी बिजली बिल बकाया है, कितनी वसूली योग्य है और कितनी वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ पहले कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली प्रदान करें और अच्छी वसूली भी करें। गलत बिजली बिलों को सुधारने की प्रक्रिया को प्राथमिकता से किया जाए। कार्यों में लापरवाही होने पर नोटिस जारी करें। बताया गया है कि समाधान योजना के तहत अब तक 745 करोड़ 92 लाख रुपए उपभोक्ताओं द्वारा जमा किए जा चुके हैं। इन उपभोक्ताओं के 301 करोड़ 40 लाख रुपए के सरचार्ज माफ किए गए हैं।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत 150 करोड़ 22 लाख, मध्य क्षेत्र में 469 करोड़ 47 लाख और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 126 करोड़ 23 लाख रुपए जमा हुए हैं। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के चीफ इंजीनियर और एसई उपस्थित थे।