मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित किया, 55 जिलों के फेलो को दीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 14 अक्टूबर 2026 को भोपाल में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी और पूरे साल युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाली गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री यह बात मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित सी.एम. फेलोज के पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
वार्षिक लक्ष्य निर्धारण की रूपरेखा
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष के लिए अलग प्राथमिकता तय की है। वर्ष 2025 को 'रोजगार और निवेश वर्ष', वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' और अब वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में चिह्नित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में युवा बेरोजगारी और कौशल विकास को लेकर नीतिगत बहस तेज है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की यह वार्षिक थीम-आधारित शासन पद्धति नीतिगत प्राथमिकताओं को जनता के बीच स्पष्ट करने का प्रयास है, जिससे प्रशासन में सातत्य और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती है।
सी.एम. फेलोज की भूमिका और प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 55 जिलों से चयनित युवा फेलो केंद्र और राज्य द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन का मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने कहा कि ये युवा 'पचपन आशाओं का समुच्चय' हैं — यानी हर जिले से एक प्रतिनिधित्व जो मैदानी स्तर पर नीतियों की जमीनी हकीकत को परखेगा।
यंग प्रोफेशनल्स से अपेक्षा है कि वे जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर योजनाओं की कमजोरियाँ उजागर करें और सुधार के सुझाव दें। इस तरह यह कार्यक्रम परंपरागत प्रशिक्षण से आगे बढ़कर शासन-सुधार का एक व्यावहारिक तंत्र बनने की कोशिश करता है।
अटल बिहारी वाजपेयी से प्रेरणा
यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि एक राजनेता का जीवन कैसा होना चाहिए, यह वाजपेयी जी के राजनीतिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान से सहज रूप से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी 'सच्चे अर्थों में लोकतंत्र की गरिमा के लिए सदैव अटल रहे।'
इस अवसर पर ग्लोबल विलेज फाउंडेशन और सुशासन संस्थान के बीच एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर हुए, जो शासन-सुधार के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को औपचारिक स्वरूप देता है।
युवाओं को मुख्यमंत्री की सलाह
भोपाल की फेलो प्राची गौर ने मैदानी स्तर की चुनौतियों से निपटने का तरीका पूछा, तो मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए और शांत चित्त रहते हुए आम जनता से सहज संवाद बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को नवाचार के लिए तैयार रहने, परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने और किताबी ज्ञान के साथ-साथ अनुभव को भी उतना ही महत्व देने की सलाह दी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि युवा अपनी जिम्मेदारी को महज 'नौकरी' के रूप में नहीं, बल्कि जनकल्याण के माध्यम के रूप में देखें।
आगे क्या होगा
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद ये फेलो अपने-अपने जिलों में तैनात होंगे। वर्ष 2027 के 'युवा वर्ष' के तहत साल भर विशेष गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि फेलो की सिफारिशों को वास्तव में नीति-सुधार में कितना स्थान मिलता है।