6 अक्टूबर 2026
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सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 से साल में दो बार MPPSC परीक्षा, 12 मेडिकल कॉलेज और ₹5 करोड़ का आइडिया फंड

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सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 2027 से साल में दो बार MPPSC परीक्षा, 12 मेडिकल कॉलेज और ₹5 करोड़ का आइडिया फंड

सारांश

भोपाल में 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026' के मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित कर MPPSC परीक्षा साल में दो बार, 12 मेडिकल कॉलेज, ₹5 करोड़ का आइडिया फंड और 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का वादा किया — मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी युवा केंद्रित नीतिगत कवायद।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 6 अक्टूबर 2026 को सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026 में युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ कीं।
2027 से MPPSC परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित होगी; रोजगार उन्मुख अलग परीक्षाएँ भी होंगी।
12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 कौशल उन्मुख विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
रिसर्च स्कॉलर्स का स्टाइपेंड ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 होगा; हर विश्वविद्यालय को ₹1 करोड़ का रिसर्च फंड मिलेगा।
युवा स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ का 'आइडिया फंड' बनेगा।
1 लाख युवाओं को कौशल कार्यक्रमों में शामिल कर प्लेसमेंट एजेंसियों के ज़रिये नौकरी दिलाने की योजना।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 अक्टूबर 2026 को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026' में युवाओं के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने 2027 से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाएँ वर्ष में दो बार कराने, 12 नए मेडिकल कॉलेज, 12 कौशल उन्मुख विश्वविद्यालय और ₹5 करोड़ का 'आइडिया फंड' स्थापित करने का वादा किया। यादव ने 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित करते हुए इस पहल को देश में अपनी तरह का पहला कदम बताया।

मुख्य घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, इसलिए PSC परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी।" नियमित MPPSC परीक्षाओं के अतिरिक्त रोजगार उन्मुख अलग परीक्षाएँ भी आयोजित की जाएंगी। सरकार की योजना हर महीने एक मेडिकल कॉलेज खोलने की है।

सभी जिलों के सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ भी स्थापित की जाएंगी।

रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा

रिसर्च स्कॉलर्स के लिए मासिक स्टाइपेंड ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाएगा। प्रत्येक विश्वविद्यालय को शोध गतिविधियों के लिए ₹1 करोड़ का समर्पित फंड दिया जाएगा।

युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ का 'आइडिया फंड' बनाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

कौशल विकास और रोजगार

राज्य सरकार कौशल संवर्धन कार्यक्रमों के तहत 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देगी और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नौकरी दिलाने में मदद करेगी। अगले वर्ष एक 'इन्वेस्टर मीट' भी आयोजित की जाएगी, जिसका लक्ष्य राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

कार्यक्रम में प्रस्तुत सरकारी आँकड़ों के अनुसार, देश में 15 से 29 वर्ष की उम्र के लगभग 36.74 करोड़ लोग हैं, जो कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत है। गौरतलब है कि यही जनसांख्यिकी किसी भी राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक नीति की धुरी मानी जाती है।

व्यापक इकोसिस्टम का विज़न

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इन सभी उपायों का उद्देश्य युवाओं के लिए राज्य के भीतर उच्च शिक्षा, रिसर्च, उद्यमिता और नौकरियों का एक समेकित इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार को सरकार की पाँच प्राथमिकताएँ बताया।

कॉन्क्लेव में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए उपस्थित युवाओं से उनका अभिवादन करने का आग्रह किया। अब नज़रें इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समय सीमा और बजटीय प्रावधान पर टिकी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — न कि मंच पर कही गई बातें। 12 मेडिकल कॉलेज 'हर महीने एक' की रफ्तार से खोलने का वादा बजटीय और प्रशासनिक क्षमता की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, जबकि राज्य का स्वास्थ्य अवसंरचना घाटा पहले से ही गहरा है। MPPSC परीक्षा साल में दो बार कराना युवाओं को राहत देगा, परंतु यदि रिक्त पदों की संख्या नहीं बढ़ी तो अतिरिक्त परीक्षा केवल प्रतिस्पर्धा को तीव्र करेगी। ₹5 करोड़ का 'आइडिया फंड' प्रतीकात्मक रूप से उचित है, किंतु स्टार्टअप इकोसिस्टम निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं — इसके लिए स्वतंत्र मूल्यांकन और पारदर्शी वितरण तंत्र ज़रूरी है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MPPSC परीक्षा साल में दो बार कब से होगी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार यह व्यवस्था 2027 से लागू होगी, जिसे 'युवा वर्ष' घोषित किया गया है। नियमित MPPSC परीक्षाओं के अतिरिक्त रोजगार उन्मुख अलग परीक्षाएँ भी आयोजित की जाएंगी।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026 में कौन कौन सी मुख्य घोषणाएँ हुईं?
6 अक्टूबर 2026 को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने साल में दो बार MPPSC परीक्षा, 12 मेडिकल कॉलेज, 12 कौशल उन्मुख विश्वविद्यालय, ₹5 करोड़ का आइडिया फंड, रिसर्च स्टाइपेंड में वृद्धि और 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की घोषणाएँ कीं।
मध्य प्रदेश में रिसर्च स्कॉलर्स का स्टाइपेंड कितना बढ़ेगा?
रिसर्च स्कॉलर्स का मासिक स्टाइपेंड ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाएगा। इसके अलावा हर विश्वविद्यालय को शोध गतिविधियों के लिए ₹1 करोड़ का समर्पित फंड दिया जाएगा।
'आइडिया फंड' क्या है और इसका लाभ किसे मिलेगा?
यह ₹5 करोड़ का राज्य स्तरीय फंड है जो युवाओं के इनोवेशन और स्टार्टअप विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव के अनुसार इसका उद्देश्य राज्य में उद्यमिता का इकोसिस्टम तैयार करना है।
मध्य प्रदेश में युवाओं की कितनी आबादी है?
कार्यक्रम में प्रस्तुत सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष के लगभग 36.74 करोड़ लोग हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत है। यही युवा वर्ग इन नीतिगत घोषणाओं का मुख्य लाभार्थी है।
राष्ट्र प्रेस
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