जलगांव: शादी के तीसरे दिन दुल्हन ने खाने में मिलाया चूहे मारने का जहर, पति-परिवार अस्पताल में भर्ती; दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के परोला तालुका के वेल्हाने गांव में 9 अक्टूबर 2026 को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक नई-नवेली दुल्हन ने कथित तौर पर अपने पति और परिवार के सदस्यों के भोजन में चूहे मारने की दवा मिला दी। पीड़ितों की तबीयत बिगड़ने के बाद धुले के सरकारी अस्पताल में उनका उपचार शुरू हुआ, जबकि पुलिस ने आरोपी दुल्हन सहित दो महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास से हिरासत में ले लिया।
घटनाक्रम का विवरण
7 अक्टूबर 2026 को जलगांव के परोला क्षेत्र के एक 32 वर्षीय युवक की शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, युवक ने ₹2.5 लाख में झारखंड की एक युवती से विवाह किया था। शादी के ठीक दो दिन बाद, 9 अक्टूबर को दुल्हन ने कथित तौर पर पति और घर के अन्य सदस्यों के भोजन में जहर मिला दिया। इसके बाद वह एक अन्य महिला के साथ घर से कुछ गहने और शादी में मिले नकद रुपये लेकर फरार हो गई।
परिवार की तबीयत और अस्पताल में भर्ती
परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से घर के बुजुर्ग दंपती की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें तत्काल धुले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान परिस्थितियों की जाँच में जहर मिलाने की बात सामने आई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया।
ग्रामीणों का विरोध और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी होते ही स्थानीय निवासियों और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस स्टेशन के सामने रोड जाम कर दिया और आरोपी महिलाओं की तत्काल गिरफ्तारी तथा उन पर कड़े आरोप लगाने की माँग की। जन-दबाव के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों फरार महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास पकड़ लिया।
आरोपी महिलाओं की पहचान
गिरफ्तार दोनों महिलाओं की पहचान सुमन सुभाष साहनी और आरती सूर्याक्ष पटेल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएँ झारखंड की निवासी हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुल्हन ने यह कदम किस मंशा से उठाया — पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने दोनों महिलाओं के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पताल में भर्ती पीड़ितों की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। गौरतलब है कि अंतर-राज्यीय विवाह व्यवस्थाओं में वित्तीय लेन-देन से जुड़े ऐसे मामले महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में पहले भी सामने आ चुके हैं, जो इस तरह की व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता को उजागर करते हैं।