मुंबई: नाहुर वेस्ट शादी में फूड पॉइजनिंग, दूल्हा-दुल्हन समेत 31 लोग अस्पताल में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के नाहुर वेस्ट इलाके में 1 नवंबर 2026 को आयोजित एक शादी समारोह में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के चलते दूल्हा-दुल्हन समेत 31 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना नालंदा बुद्ध विहार हॉल में हुई, जहाँ आयोजन में 400 से 500 मेहमान शामिल हुए थे।
मुख्य घटनाक्रम
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभय सिंह देशमुख के अनुसार, शादी में सबसे अंत में खाना खाने वाले 70 से 100 मेहमान बीमार पड़ गए। मेहमानों ने शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच भोजन किया था, लेकिन देर रात घर पहुँचने के बाद लक्षण प्रकट हुए। दूल्हे के मामा के अनुसार, रात 11:00 से 11:30 बजे के बीच सभी को उल्टियाँ शुरू हो गईं और सबसे पहले दुल्हन की तबीयत बिगड़ी।
अस्पतालों में भर्ती की स्थिति
प्रभावित लोगों में से 22 को मुलुंड के एमटी अग्रवाल अस्पताल, 4 बच्चों को मुलुंड के कामगार अस्पताल और 5 अन्य को विक्रोली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया। एमटीएम हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. कैलाश ने बताया, 'अभी तक हमारे यहाँ कुल 27 मरीज़ भर्ती किए गए हैं — इनमें 2 बच्चे, 11 महिलाएँ और बाकी पुरुष हैं। इन सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत पर भर्ती किया गया था। रविवार रात करीब 11:40 बजे लाए जाने पर कमज़ोरी और घबराहट अधिक थी।' फ़िलहाल सभी मरीज़ों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
परिवार की माँग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति ने बताया, 'आखिर में जब हम खाना खाने बैठे तो दूल्हा-दुल्हन समेत वहाँ मौजूद सभी लोग बीमार पड़ गए। हमारे पड़ोस के करीब 30 से 40 लोग वहाँ थे और वे सभी बीमार हो गए।' दूल्हे के मामा ने कैटरर्स और खाना सप्लाई करने वालों को जवाबदेह ठहराने की माँग की और शादी स्थल की प्रबंधन समिति की भूमिका की जाँच कराने की भी अपील की। दूल्हे के एक मित्र ने कहा, 'यह घटना कैटरर्स की लापरवाही और खाने की गुणवत्ता की जाँच न करने की वजह से हुई है।'
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
संबंधित एजेंसियाँ स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बड़े आयोजनों में बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग की यह कोई पहली घटना नहीं है।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा खाद्य नमूनों की जाँच कराई जाने की संभावना है, जिससे दूषित खाने के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। परिवार ने कैटरिंग सेवा प्रदाताओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की माँग की है और मामले में पुलिस की भूमिका निर्णायक होगी।