अमेठी के कोटवा गांव में मेले का खस्ता खाने से 102 बीमार, 17 मेडिकल कॉलेज तिलोई में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की तिलोई तहसील के कोटवा गांव में 29 अक्टूबर 2026 को मेले के दौरान एक दुकान का खस्ता खाने के बाद 102 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीमार लोगों में 39 बच्चे और 63 वयस्क शामिल हैं। स्थिति गंभीर होने पर 10 बच्चों सहित कुल 17 लोगों को उच्च उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज तिलोई में भर्ती कराया गया।
घटनाक्रम कैसे सामने आया
मोहनगंज थाना क्षेत्र स्थित कोटवा गांव में लगे मेले में एक खस्ता विक्रेता की दुकान से लोगों ने खाना खाया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उल्टी-दस्त से पीड़ित होने लगे। स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए ग्राम प्रधान ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुँची।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अंशुमान सिंह स्वयं अपनी टीम के साथ कोटवा गांव पहुँचे और प्रभावित लोगों की जाँच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। जाँच में कुल 102 पीड़ितों की पुष्टि हुई। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति अब सामान्य है और स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी कर रहा है।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन 17 लोगों — 10 बच्चे और 7 वयस्क — की हालत अधिक चिंताजनक थी, उन्हें मेडिकल कॉलेज तिलोई में भर्ती कर बेहतर उपचार दिया जा रहा है। सभी की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
निगरानी और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद कोटवा गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम तैनात कर दी गई है। यह टीम ग्रामीणों के स्वास्थ्य की लगातार जाँच कर रही है और किसी भी नए लक्षण सामने आने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है। गौरतलब है कि त्योहारी मौसम में मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से फूड पॉइज़निंग की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आ चुकी हैं। विभाग की ओर से खस्ते के नमूने लेकर जाँच कराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालाँकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।