22 अगस्त 2026
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इंदौर के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन के बाद 30 से अधिक बच्चे बीमार, 4 आईसीयू में

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इंदौर के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन के बाद 30 से अधिक बच्चे बीमार, 4 आईसीयू में

सारांश

इंदौर के सिंहाना गांव के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन में कढ़ी-चावल खाने के बाद 30 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। 19 अस्पताल में भर्ती हैं, 4 आईसीयू में हैं। फूड पॉइजनिंग का संदेह है और नमूने जाँच के लिए भेजे गए हैं।

मुख्य बातें

इंदौर के सांवेर क्षेत्र के सिंहाना गांव के सरकारी स्कूल में 22 अगस्त को मध्याह्न भोजन के बाद 30 से अधिक बच्चे बीमार पड़े।
भोजन में कढ़ी-चावल परोसे गए थे; बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, चक्कर, सिरदर्द और बुखार की शिकायत की।
19 बच्चों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया; 4 बच्चे एहतियातन आईसीयू में हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है।
भोजन के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए; रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।
इंदौर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया; फूड पॉइजनिंग का संदेह, कारण की आधिकारिक पुष्टि बाकी।

इंदौर के सांवेर क्षेत्र के सिंहाना गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में 22 अगस्त को मध्याह्न भोजन योजना के तहत कढ़ी-चावल खाने के बाद 30 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। 19 बच्चों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 4 को एहतियात के तौर पर आईसीयू में रखा गया है, जबकि शेष बच्चों की चिकित्सा निगरानी जारी है।

घटनाक्रम कैसे सामने आया

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर का भोजन करने के तुरंत बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और बुखार की शिकायत की। स्कूल स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल अभिभावकों और जिला प्रशासन को सूचित किया। बीमार बच्चों को बिना देर किए अरबिंदो अस्पताल पहुँचाया गया।

यह घटना मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के धरमपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिंहाना गांव के उस सरकारी स्कूल में हुई, जहाँ केंद्र सरकार की मध्याह्न भोजन योजना के तहत नियमित रूप से छात्रों को भोजन परोसा जाता है।

बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति

अरबिंदो अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि 4 बच्चों को गहन निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य को 6 घंटे की निगरानी में रखा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। 30 से अधिक अन्य बच्चे भी चिकित्सा देखरेख में हैं।

फूड पॉइजनिंग का संदेह, जाँच शुरू

एक ही भोजन करने के बाद इतने बच्चों का एक साथ बीमार पड़ना फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा करता है, हालाँकि अधिकारियों ने अब तक सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि भोजन के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।

इंदौर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम घटना की सूचना मिलते ही स्कूल पहुँची और भोजन के नमूने लिए। एक अधिकारी ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की ज़िम्मेदारी होती है।

अभिभावकों में दहशत

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अरबिंदो अस्पताल पहुँचे। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजनों की भीड़ अस्पताल परिसर में देखी गई। स्कूल प्रशासन और जिला अधिकारियों ने अभिभावकों को आश्वस्त करने का प्रयास किया।

आगे क्या होगा

प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की संभावना है। यह घटना मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी और खाद्य गुणवत्ता जाँच की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। सभी प्रभावित बच्चे फिलहाल चिकित्सा निगरानी में हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी निगरानी तंत्र में कोई ठोस सुधार नहीं दिखता। इंदौर जैसे शहरी जिले में जहाँ प्रशासनिक क्षमता अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है, वहाँ भी इस तरह की घटना यह सवाल उठाती है कि ग्रामीण और दूरदराज़ के स्कूलों में स्थिति कितनी बदतर हो सकती है। प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतज़ार ज़रूरी है, लेकिन जवाबदेही का दायरा केवल रसोइए तक सीमित नहीं रहना चाहिए — आपूर्ति श्रृंखला और नियमित खाद्य परीक्षण की व्यवस्था की भी जाँच होनी चाहिए।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर के स्कूल में बच्चे क्यों बीमार पड़े?
22 अगस्त को सांवेर क्षेत्र के सिंहाना गांव के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना के तहत कढ़ी-चावल खाने के बाद 30 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। फूड पॉइजनिंग का संदेह है, हालाँकि अधिकारी अभी तक सटीक कारण की पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
कितने बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है?
19 बच्चों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 4 को एहतियात के तौर पर आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है।
क्या फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हो गई है?
अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने भोजन के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा।
इस घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
इंदौर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम निरीक्षण के लिए स्कूल पहुँची और भोजन के नमूने एकत्र किए। जिला प्रशासन ने कहा है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मध्याह्न भोजन योजना में खाद्य गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी होती है?
मध्याह्न भोजन योजना एक केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है, लेकिन भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति की निगरानी की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की होती है। इस घटना में जिम्मेदारी तय करना प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संभव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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