25 अगस्त 2026
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तेलंगाना: नागरकुर्नूल के आदिवासी आवासीय स्कूल में नाश्ते के बाद 26 छात्र बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका

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तेलंगाना: नागरकुर्नूल के आदिवासी आवासीय स्कूल में नाश्ते के बाद 26 छात्र बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका

सारांश

तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले के एक आदिवासी आवासीय स्कूल में नाश्ते के बाद 26 छात्र बीमार पड़े — यह नए सत्र में दूसरी फूड पॉइजनिंग घटना है। कामारेड्डी में 33 छात्र पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। NHRC पहले ही राज्य में 886 ऐसी घटनाओं पर चिंता जता चुका है।

मुख्य बातें

नागरकुर्नूल जिले के चेंचु ट्राइबल गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल में 9 जुलाई 2026 को नाश्ते के बाद 26 छात्र बीमार पड़े।
छात्रों को डायरिया की शिकायत हुई; कुछ ने नाश्ते की खिचड़ी में कीड़े होने का दावा किया।
मन्नानूर सरकारी अस्पताल में बेड की कमी के कारण छात्रों को जमीन पर लिटाया गया; बाद में अचंपेट एरिया हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया।
यह नए सत्र में दूसरी घटना है — इससे पहले कामारेड्डी गुरुकुल स्कूल में 33 छात्र बीमार पड़े थे।
NHRC पिछले वर्ष तेलंगाना में 886 संदिग्ध फूड पॉइजनिंग घटनाओं और लगभग 48 मौतों की जाँच का निर्देश दे चुका है।
निजामाबाद में तेलंगाना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पीने के पानी की कमी के विरोध में बस रोककर प्रदर्शन किया।

तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में स्थित एक आदिवासी सरकारी आवासीय स्कूल में 9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को नाश्ते के बाद 26 छात्र अचानक बीमार पड़ गए। अमराबाद मंडल के मन्नानूर गाँव में स्थित चेंचु ट्राइबल गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल में हुई इस घटना में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। यह तेलंगाना के सरकारी आवासीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से अब तक की दूसरी ऐसी घटना है।

मुख्य घटनाक्रम

नाश्ते के कुछ ही देर बाद छात्रों को दस्त (डायरिया) की शिकायत शुरू हो गई। बीमार छात्रों को तत्काल मन्नानूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ पर्याप्त बेड उपलब्ध न होने के कारण उन्हें जमीन पर लिटाकर प्रारंभिक उपचार देना पड़ा। बाद में सभी बीमार छात्रों को अचंपेट एरिया हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया।

कुछ छात्रों ने बताया कि नाश्ते में परोसी गई 'खिचड़ी' में उन्हें कीड़े दिखे थे। हालाँकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

अस्पताल में सुविधाओं की कमी पर आक्रोश

अस्पताल प्रशासन द्वारा बेड की कमी स्वीकार किए जाने के बाद अभिभावकों ने अधिकारियों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में न केवल भोजन की गुणवत्ता, बल्कि आसपास की स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूर्व की घटनाओं से जुड़ा संदर्भ

यह घटना कामारेड्डी के एक गुरुकुल स्कूल में हुई फूड पॉइजनिंग की घटना के कुछ ही दिन बाद सामने आई है, जहाँ दोपहर का भोजन करने के बाद 33 छात्र बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य सरकार को तेलंगाना के गुरुकुल विद्यालयों में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग की 886 घटनाओं की जाँच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था, जिनमें कथित तौर पर लगभग 48 छात्रों की मौत हुई थी। NHRC अध्यक्ष जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन ने इन मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही थी।

आम जनता और छात्रों पर असर

इस बीच, निजामाबाद जिले में तेलंगाना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने के विरोध में गुरुवार को एक आरटीसी बस रोककर प्रदर्शन किया। यह घटना दर्शाती है कि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक व्यापक समस्या बनती जा रही है।

क्या होगा आगे

नए सत्र में महज कुछ हफ्तों के भीतर दो बड़ी फूड पॉइजनिंग घटनाओं के बाद तेलंगाना सरकार पर आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों द्वारा घटना की जाँच की जाने की उम्मीद है, और अभिभावकों व विपक्ष की ओर से जवाबदेही की माँग तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या काम नहीं कर रहा। मन्नानूर अस्पताल में बेड की कमी और जमीन पर इलाज की तस्वीर यह भी उजागर करती है कि इन दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य अवसंरचना उतनी ही कमज़ोर है। जब तक खाद्य सुरक्षा ऑडिट और जवाबदेही तंत्र को संस्थागत रूप नहीं दिया जाता, ये सुर्खियाँ हर नए सत्र में दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना के नागरकुर्नूल स्कूल में फूड पॉइजनिंग की घटना क्या है?
9 जुलाई 2026 को नागरकुर्नूल जिले के चेंचु ट्राइबल गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल में नाश्ते के बाद 26 छात्र डायरिया से बीमार पड़ गए। कुछ छात्रों ने खिचड़ी में कीड़े होने का दावा किया, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
बीमार छात्रों का इलाज कहाँ हुआ?
छात्रों को पहले मन्नानूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ बेड की कमी के कारण उन्हें जमीन पर लिटाया गया। बाद में सभी को अचंपेट एरिया हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया।
क्या तेलंगाना के आवासीय स्कूलों में पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, यह नए सत्र में दूसरी घटना है। इससे कुछ दिन पहले कामारेड्डी के एक गुरुकुल स्कूल में 33 छात्र बीमार पड़े थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) पहले ही तेलंगाना में 886 संदिग्ध फूड पॉइजनिंग घटनाओं और लगभग 48 मौतों की जाँच का निर्देश दे चुका है।
NHRC ने तेलंगाना फूड पॉइजनिंग मामलों पर क्या कहा था?
पिछले वर्ष जुलाई में NHRC अध्यक्ष जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन ने राज्य सरकार को गुरुकुल स्कूलों में 886 फूड पॉइजनिंग घटनाओं की जाँच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। आयोग ने इन मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही थी।
तेलंगाना यूनिवर्सिटी में छात्रों ने विरोध क्यों किया?
निजामाबाद जिले में तेलंगाना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने 9 जुलाई को पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने के विरोध में एक आरटीसी बस रोककर प्रदर्शन किया। हाल के दिनों में पानी की किल्लत से नाराज छात्रों ने इस तरह अपना आक्रोश जताया।
राष्ट्र प्रेस
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