भिवंडी फूड पॉइजनिंग: चिकन शावरमा-पिज्जा खाने से 80 से अधिक लोग बीमार, 8 बच्चे भी भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के भिवंडी में 18-19 जून को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें खंडू पाड़ा इलाके के एक लोकप्रिय फास्ट फूड आउटलेट से चिकन शावरमा, पिज्जा और फालूदा खाने के बाद 80 से अधिक लोग बीमार पड़ गए। भर्ती मरीजों में 8 बच्चे भी शामिल हैं और सभी को उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायत है।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ता गया आंकड़ा
शुरुआत में 11 से 14 मरीजों को इंदिरा गांधी मेमोरियल (IGM) अस्पताल, भिवंडी में भर्ती कराया गया था। हालांकि अगले कुछ घंटों में अलग-अलग परिवारों के और लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 80 तक पहुँच गई। सभी पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने एक-दो दिन पहले भिवंडी की उसी फूड शॉप से खाना खाया था।
गौरतलब है कि एक ही स्थान से खाना खाने के बाद अलग-अलग परिवारों में एक जैसे लक्षण उभरना स्पष्ट रूप से सामूहिक खाद्य विषाक्तता की ओर इशारा करता है। कुछ मरीजों को बुखार भी है।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
IGM अस्पताल की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. माधुरी पनहारे ने बताया कि फिलहाल 80 मरीज भर्ती हैं और सभी का उचित उपचार जारी है। उन्होंने कहा, 'सभी मरीजों का निरीक्षण किया जा चुका है और सभी खतरे से बाहर हैं। किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।' कुछ मरीजों के सैंपल जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद विषाक्तता के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही शांति नगर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ IGM अस्पताल पहुँचे और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने संबंधित फास्ट फूड आउटलेट के खिलाफ जाँच शुरू की है।
आम जनता पर असर
भिवंडी के खंडू पाड़ा इलाके में इस घटना से स्थानीय निवासियों में दहशत है। 8 बच्चों सहित विभिन्न परिवारों के प्रभावित होने से यह स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है। स्वास्थ्य विभाग से इलाके के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच की माँग भी उठने लगी है।
क्या होगा आगे
प्रयोगशाला में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद विषाक्तता के सटीक कारण का पता चलेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों की निगरानी जारी है और स्थिति नियंत्रण में है। संबंधित फूड आउटलेट के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई सैंपल रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।