क्या महाराष्ट्र में पुलिस और सीआरपीएफ ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की?

सारांश
Key Takeaways
- पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने चार माओवादियों को मारा।
- सुरक्षा बलों ने 48 घंटे तक अभियान चलाया।
- बिगड़ते मौसम के बावजूद जवानों ने साहस नहीं खोया।
- माओवादियों पर कुल 14 लाख रुपए का इनाम था।
- अभियान से बरामद सामग्री महत्वपूर्ण है।
गढ़चिरौली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस और सीआरपीएफ को एक संयुक्त अभियान में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा के कोपरशी जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान चार माओवादी मारे गए।
मारे गए माओवादियों में एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इन चारों पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल के अनुसार, गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त माओवादी-विरोधी अभियान चलाया। गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस की 20 टीमें और सीआरपीएफ की 2 टीमें 25 अगस्त को कोपरशी के जंगल में भेजी गईं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लगातार खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद जवानों ने करीब 48 घंटे तक तलाशी अभियान जारी रखा। जब सुरक्षाबल के जवान जंगल में खोजी कार्रवाई कर रहे थे, तभी माओवादियों ने उन पर अचानक से गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने आत्मसमर्पण की अपील की, लेकिन माओवादी हथियार डालने को तैयार नहीं हुए और फायरिंग तेज कर दी। इस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जो करीब आठ घंटे तक चली।
मुठभेड़ समाप्त होने के बाद पुलिस ने क्षेत्र की तलाशी ली और चार माओवादियों के शव बरामद किए। मारे गए माओवादियों में मालू पाड़ा उर्फ मालू, कंपनी नंबर 10 का पीपीसीएम रैंक का कमांडर शामिल था, जिस पर 6 लाख रुपए का इनाम था।
सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, दो इंसास राइफलें, एक .303 राइफल, 92 जिंदा कारतूस, 3 वॉकी-टॉकी और माओवादी साहित्य बरामद किए।
गढ़चिरौली पुलिस के अनुसार, इन माओवादियों पर कई गंभीर अपराध दर्ज थे, जिनमें मुठभेड़, आगजनी और हत्या के मामले शामिल हैं।