क्या महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है विकसित भारत जी राम जी योजना?

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क्या महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है विकसित भारत जी राम जी योजना?

सारांश

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विकसित भारत-जी राम जी कानून गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी देता है। यह कानून महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और ग्रामीण विकास को ध्यान में रखते हुए लाया गया है।

Key Takeaways

  • हर गरीब को रोजगार की गारंटी
  • 125 दिनों के रोजगार की पेशकश
  • महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप
  • गांवों के विकास पर ध्यान
  • भ्रष्टाचार के मामलों में कमी

पटना, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को विकसित भारत गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण, जिसे विकसित भारत-जी राम जी कानून कहा जाता है, पर विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा कि विपक्ष सरकार के किसी भी सकारात्मक कार्य का विरोध करता है।

उन्होंने कहा कि इस कानून में पिछले रोजगार कानून की कमियों को दूर किया गया है। बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एनडीए की संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, "एनडीए की सोच है कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार मिले, इसके लिए यह कानून लाया गया। 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए है।"

उन्होंने कहा कि एनडीए और पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प 2047 तक देश को विकसित बनाने का है। इसी के तहत गांव को भी विकसित करना जरूरी है। जब गांव विकसित होगा तभी देश और बिहार विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार गांव को विकसित करने के उद्देश्य से गांव की आधारभूत संरचनाओं के अलावा गांव के विकास के लिए विस्तृत रूप से काम कर रही है।

उन्होंने विकसित भारत-जी राम जी कानून में लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इसी तरह के कानून में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, जबकि इस कानून में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। इसके अलावा, रोजगार नहीं मिलने पर अलग से भत्ता देने का भी प्रावधान है। मानदेय प्रत्येक सप्ताह भुगतान का प्रावधान है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कानून में निश्चित रूप से गांव की चिंता की गई है। विस्तृत रूप से इस कानून को गांव के गरीबों, किसानों और गांव के विकास के लिए लाया गया है, जबकि मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतें बड़ी संख्या में मिलती थीं। मनरेगा एक तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना रहता था।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर जो दुष्प्रचार कर रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि इस कानून से रोजगार बढ़ाया गया है। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर मनरेगा कानून में बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले जो प्रशासनिक व्यय छह प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर इस कानून में नौ प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कार्यान्वयन ढांचा और मजबूत होगा। इस प्रेस वार्ता को लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रधान महासचिव राजेश पांडेय और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के महामंत्री सुभाष चंद्रवंशी ने भी संबोधित किया।

Point of View

बल्कि गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विपक्ष का विरोध इस योजना की सफलता को रोकने में सहायक नहीं होगा।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

विकसित भारत-जी राम जी कानून क्या है?
यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और गरीबों की गरिमा को सम्मानित करने के लिए लाया गया है।
इस कानून से क्या लाभ होंगे?
इसमें 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और रोजगार न मिलने पर भत्ता देने का प्रावधान है।
क्या यह कानून महात्मा गांधी की भावना को दर्शाता है?
हाँ, यह कानून महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देता है।
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