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महिला आरक्षण बिल: क्या चुनावी लाभ के लिए लाया गया है? - राजीव राय

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महिला आरक्षण बिल: क्या चुनावी लाभ के लिए लाया गया है? - राजीव राय

सारांश

राजीव राय ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सभी पार्टियां महिलाओं के अधिकारों की बात करती हैं, लेकिन बिल लाने का समय और तरीका संदिग्ध है। क्या यह केवल चुनावी लाभ के लिए है?

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में आरक्षण देना है।
राजीव राय ने इस बिल की समय और तरीके पर संदेह बिल में ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
राजीव राय का कहना है कि यह चुनावी लाभ के लिए लाया गया है।
सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दल महिलाओं को सम्मान, अधिकार और आरक्षण देने के लिए सहमत हैं, लेकिन जिस तरिके से और जिस समय यह बिल पेश किया जा रहा है, उससे सरकार की नियत पर संदेह उत्पन्न होता है।

नई दिल्ली में सपा सांसद राजीव राय ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सरकार किसी से परामर्श नहीं करना चाहती। हर चुनाव में ऐसा होता है क्योंकि उन्हें वोट चाहिए, लेकिन महिलाओं की संख्या और वास्तविक स्थिति की उन्हें कोई चिंता नहीं है। 18 वर्ष पुरानी जनगणना के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दूसरी बात, महिलाओं के आरक्षण में वंचित वर्गों (ओबीसी, दलित) के लिए क्या प्रावधान हैं, इसका कोई उल्लेख नहीं है। तीसरी बात, अगर आरक्षण देना है तो पार्टियों को अधिकार दे दीजिए। आप यह क्यों तय करना चाहते हैं कि किस सीट से महिला जीतेगी।

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार को पता है कि दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए यह बिल चुनावी फायदे के लिए लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह महिलाओं को एक बार फिर धोखा देने की कोशिश है।

उन्होंने बसपा मुखिया मायावती के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि बहन मायावती ने भी बिल का स्वागत किया है और ओबीसी व दलित महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की है। हम भी इसका विरोध नहीं कर रहे, बल्कि मांग कर रहे हैं कि पहले जनगणना कराई जाए, क्षेत्र निर्धारण किया जाए और पार्टियों को अधिकार दिया जाए।

राजीव राय ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल और उत्तर प्रदेश में अपने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार को लोकतंत्र और जनता पर विश्वास नहीं रह जाता तो वह एजेंसियों के जरिए डराने-धमकाने का प्रयास करती है।

बिहार में सम्राट चौधरी के सीएम पद की शपथ लेने पर सपा सांसद ने कहा कि जिस पार्टी के साथ भाजपा गठबंधन करती है, उसे खा जाती है। अकाली दल हो, शिवसेना (शिंदे) हो या अब जदयू, सभी की यही हालत हुई है, इसलिए इन पार्टियों से अनुरोध है कि इतिहास से सीखें और जितनी जल्दी हो सके, सरकार से बाहर आकर अपना वजूद बचाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो महिलाओं के वास्तविक मुद्दों को दरकिनार करता है। उन्होंने आरक्षण के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं, विशेषकर ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए। यह मुद्दा महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक नैतिकता को लेकर महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना है।
राजीव राय ने इस बिल के बारे में क्या कहा?
राजीव राय ने कहा कि यह बिल चुनावी लाभ के लिए लाया गया है और सरकार की मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है।
महिला आरक्षण में ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए क्या प्रावधान है?
राजीव राय ने कहा कि इस बिल में ओबीसी और दलित महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
क्या यह बिल महिलाओं को धोखा देने का प्रयास है?
राजीव राय का कहना है कि यह बिल महिलाओं को एक बार फिर धोखा देने का इंतजाम है।
राजीव राय ने सरकार पर और क्या आरोप लगाए?
उन्होंने सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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