महिला आरक्षण बिल पर चर्चा 16 अप्रैल को: इमरान मसूद का बयान
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल पर चर्चा 16 अप्रैल को होगी।
- इमरान मसूद ने कहा कि यह बिल पहले ही पास हो चुका है।
- कानूनी अड़चनों को दूर करने की आवश्यकता है।
- चंडीगढ़ में धमाके की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है।
- ओवैसी के बयान पर इमरान मसूद का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है।
सहारनपुर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू के बयान का जवाब देते हुए कहा कि 16 अप्रैल को सत्र आयोजित किया गया है, उस दिन महिला आरक्षण बिल पर चर्चा की जाएगी।
इमरान मसूद ने बताया कि सोनिया गांधी की पहल पर इस महिला आरक्षण के लिए प्रक्रिया आरंभ हुई थी और यह बिल पहले ही पास हो चुका है। यह कहना गलत है कि यह बिल पास नहीं हुआ। इसे केवल लागू करने की आवश्यकता है, लेकिन इसमें कुछ कानूनी रुकावटें हैं। सरकार इन्हें दूर करने के लिए इसे ला रही है।
किरन रिजिजू के बयान पर उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 अप्रैल को महिला आरक्षण बिल पर ही चर्चा होगी और इसके अलावा कोई अन्य विषय नहीं होगा।
ईरान के संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर इमरान मसूद ने कहा कि इससे ईरान पर कोई असर नहीं होने वाला। अमेरिका जब भी ईरान को खत्म करने की बात करता है, तब ईरान अपनी प्रतिक्रिया देता है।
बंगाल के संदर्भ में चीफ जस्टिस के बयान पर इमरान मसूद ने कहा कि जिस तरह से एसआईआर के माध्यम से वोटर लिस्ट से लोगों के वोट काटे गए, वह लोकतंत्र पर सवाल उठाता है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के जरिए लोगों के वोट का काटना सीधे तौर पर लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ है। चीफ जस्टिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए धमाके पर उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ किसके अधीन है, इस सवाल का सही जवाब गृह मंत्रालय ही दे सकता है। वहां की कानून व्यवस्था बिगड़ने का जिम्मेदार कौन है, यह भी जानना जरूरी है।
ओवैसी के मियां वाले बयान पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, हम भी इसी मुद्दे को उठाते रहे हैं।