महिला आरक्षण विधेयक: अर्जुन राम मेघवाल का दावा, समानता सुनिश्चित होगी, राज्यों को नहीं होगा नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा।
- लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- यह विधेयक लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- यह किसी भी राज्य को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
- प्रावधान 2026 की जनगणना के आधार पर लागू होंगे।
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़ी महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा आज से आरंभ हुई। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि संविधान का (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 में देश में लैंगिक समानता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा और इससे किसी भी राज्य को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।
सदन को संबोधित करते हुए मेघवाल ने महिलाओं के सशक्तीकरण के महत्व को उजागर किया और बीआर अंबेडकर के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मैं किसी समाज की प्रगति का आकलन इस बात से करता हूं कि वहां महिलाओं ने कितनी तरक्की की है।" उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करना आवश्यक है।
मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों का भी उल्लेख किया और बताया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का विचार काफी समय से प्रचलित था। उन्होंने कहा, "अब्दुल कलाम ने भी कहा था कि 33 फीसदी सीटों का आवंटन तय है, बस समय की बात है और अब वह समय आ गया है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
विधेयक के प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए मेघवाल ने बताया कि लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि सदन की कुल क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाकर 815 सीटें की जाएंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह संख्या कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत ये प्रावधान 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि इससे पुरुष सांसदों या किसी भी राज्य की मौजूदा सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उनकी स्थिति बनी रहेगी।
इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने जानकारी दी कि इन तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा की जाएगी और शुक्रवार को इन पर मतदान किया जाएगा।