क्यों नहीं है आपके मंत्रिमंडल में 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व? दलवई ने सरकार से पूछा

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क्यों नहीं है आपके मंत्रिमंडल में 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व? दलवई ने सरकार से पूछा

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के सशक्तीकरण की बात तो करती है, परंतु जमीनी स्तर पर उनकी वास्तविक भागीदारी पर कोई जवाब नहीं देती।

Key Takeaways

  • महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत मंत्रिमंडल में कम है।
  • सरकार पर सच्चे सशक्तीकरण का दबाव डालना जरूरी है।
  • महिला आरक्षण पर राजनीतिक बहस चल रही है।

मुंबई, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता हुसैन दलवई ने महिला आरक्षण और प्रधानमंत्री के संबोधन पर केंद्र सरकार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार महिलाओं के अधिकारों की बात करती है, लेकिन कितनी महिलाओं की यथार्थिक भागीदारी है, इस पर कोई ठोस उत्तर नहीं देती।

दलवई ने यह प्रश्न उठाया कि यदि सरकार सच में महिलाओं के सशक्तीकरण का समर्थन करती है, तो उनके मंत्रिमंडल, संगठन और टिकट वितरण में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी क्यों नहीं है?

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल भाषण देने से कुछ नहीं होगा; असली परिवर्तन तब होगा जब सभी स्तरों पर महिलाओं को समान अधिकार मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को लेकर जो राजनीतिक चर्चा चल रही है, उसमें विपक्ष का हमेशा यही रुख रहा है कि वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसे सही तरीके से लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर असली सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

दलवई ने आरोप लगाया कि सरकार कई बार धार्मिक और वैचारिक मुद्दों को जोड़कर एक राजनीतिक माहौल बनाती है, जिससे असली मुद्दे पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार किसी भी राजनीति से ऊपर होने चाहिए और उन्हें वोट बैंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में भी महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और कांग्रेस हमेशा उनके योगदान को मान्यता देती आई है। उन्होंने भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों का भी उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा जिसे परिवारवाद कहती है, वह असल में महिलाओं को बराबरी देना है। लेकिन भाजपा महिलाओं को बराबरी नहीं देना चाहती, बल्कि उनके साथ राजनीति करना चाहती है।

इसके अलावा, उन्होंने महिला सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में और मजबूत कदम उठाने चाहिए। उनके अनुसार, केवल कानून बनाना काफी नहीं है, उसे जमीन पर लागू करना सबसे आवश्यक है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी पर राजनीतिक विमर्श आवश्यक है। दलवई का यह सवाल महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह महिलाओं के सशक्तीकरण के वास्तविक प्रयासों को दर्शाता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी में समान अवसर प्रदान करना है।
क्यों महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत कम है?
महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत कम होने के कई कारण हैं, जैसे सामाजिक मान्यताएँ, आर्थिक बाधाएँ, और राजनीतिक समर्थन की कमी।
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