महिलाएं विपक्ष को कभी नहीं करेंगी माफ: जयवीर सिंह का बयान
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का पास न होना राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है।
- जयवीर सिंह ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- महिलाओं में आक्रोश की भावना स्पष्ट है।
- जातीय जनगणना 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
- अगले चुनावों में महिलाओं का वोट महत्वपूर्ण होगा।
मैनपुरी, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पास न होने के कारण राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष पर आरोप लगाया और कहा कि इसके लिए महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
जयवीर सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "महिला सशक्तिकरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिन्होंने इस विधेयक को गिराने में मदद की है, वे निश्चित रूप से देश की महिलाओं के लिए माफ़ी के पात्र नहीं हैं। आगामी चुनावों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि महिलाएं उनका समर्थन नहीं कर रही हैं। देश की महिलाओं में गहरा आक्रोश है। संसद में मौजूद महिला सांसदों ने भी अपना विरोध जताया। विपक्षी सांसदों को इसके लिए गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। विपक्ष ने खुद को महिलाओं का विरोधी साबित कर दिया है।"
उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के इस विधेयक को लोकतंत्र की जीत बताने पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा, "उन्हें जो करना था, उन्होंने किया। अब विपक्ष को इसके परिणाम भोगने के लिए तैयार रहना चाहिए। देश की महिलाएं अगले चुनाव में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगी।"
उन्होंने आगे कहा, "महिला आरक्षण विधेयक के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया पिछले 25-30 वर्षों से चल रही है। सभी सरकारों ने इसे लागू करने के प्रयास किए हैं, लेकिन कुछ कारणों से हम सफल नहीं हो पाए। सरकार का लक्ष्य था कि 2029 तक इसे लागू कर महिलाओं को सक्रिय भागीदारी का मौका दिया जा सके। 2023 के कानून के अनुसार, जनगणना के बाद प्रक्रिया शुरू की जानी थी, जिसका मतलब है कि यह 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था। सरकार इसे संविधान में संशोधन करके 2029 तक लागू करने की योजना बना रही थी। हम महिलाओं को अधिकार देने में लगे हैं।"
जयवीर सिंह ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा, "देश के अंदर और बाहर लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं का पालन सदैव किया गया है। राष्ट्रीय हित और विदेश नीति के मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष एकजुटता से कार्य करता है। लेकिन राहुल गांधी ने न केवल देश में, बल्कि विदेशों में जाकर भी सरकार की निंदा की है।"
जातीय जनगणना के सवाल पर उन्होंने बताया, "जातीय जनगणना चल रही है। यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत हो रही है। अभी मकानों की गणना की जा रही है। जातीय जनगणना 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है।"