महिलाओं की सेहत की अनदेखी: ममता कुलकर्णी का स्वास्थ्य पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- महिलाएं परिवार में व्यस्त होकर अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखतीं।
- स्वास्थ्य के प्रति सोच में बदलाव की आवश्यकता है।
- धूप में समय बिताना और नियमित व्यायाम महत्वपूर्ण है।
- विदेशों में सभी उम्र के लोग फिटनेस के प्रति सजग रहते हैं।
- समुद्र किनारे चलना शरीर के लिए फायदेमंद होता है।
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय परिवारों में महिलाओं की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण होती है कि वे अक्सर अपने परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। इसी मुद्दे पर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने एक वीडियो में बताया कि भारतीय समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
ममता कुलकर्णी ने कहा, ''मैंने देखा है कि भारतीय महिलाएं अपनी जिंदगी का अधिकांश समय पति और बच्चों की देखभाल में बिता देती हैं। वे परिवार को प्राथमिकता देती हैं लेकिन अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हैं। मेरा मानना है कि यह दृष्टिकोण गलत है, क्योंकि अगर कोई महिला खुद स्वस्थ नहीं है, तो वह अपने परिवार का सही ख्याल नहीं रख पाएगी।''
उन्होंने यह भी कहा, ''यह समस्या केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। कई पुरुष और बच्चे भी स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होते। लोग जिम या हेल्थ क्लब तो जाते हैं, लेकिन वहां जाकर मेहनत करने के बजाय समय बर्बाद करते हैं। इस आदत को बदलने की आवश्यकता है ताकि लोग वास्तव में फिट रह सकें।''
विदेशों का उदाहरण देते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''वहाँ सभी उम्र के लोग अपनी फिटनेस के प्रति सजग रहते हैं। लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, बाहरी गतिविधियों में भाग लेते हैं और अपने शरीर को सक्रिय रखते हैं। यही कारण है कि वे लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं।''
उन्होंने विटामिन डी के महत्व पर भी जोर दिया। ममता ने कहा, ''धूप में समय बिताना शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है। लोग अक्सर विदेशियों के पहनावे का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन यह नहीं समझते कि वे धूप से आवश्यक पोषण प्राप्त कर रहे होते हैं, जो उनके शारीरिक विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।''
ममता कुलकर्णी ने अपने दिनचर्या को साझा करते हुए बताया, "मैं सप्ताह में एक या दो बार समुद्र के किनारे ज़रूर जाती हूं। वहाँ नंगे पैर रेत पर चलना बहुत फायदेमंद होता है। रेत में मौजूद नमक शरीर की अशुद्धियों को बाहर निकालने में मदद करता है।"
उन्होंने कहा, ''जब मैं समुद्र के किनारे नहीं जा पाती, तो मैं हेल्थ क्लब में समय बिताती हूं। वहां मैं तैराकी करती हूं, धूप लेती हूं और अपने शरीर को सक्रिय रखती हूं। कई बार मैं दो से तीन घंटे धूप में बिताती हूं।''