18 अक्टूबर 2026
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मुंबई के मलाड में गरबा विवाद के बाद परिवार पर लोहे की छड़ों से हमला, संजय दुबे आईसीयू में

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मुंबई के मलाड में गरबा विवाद के बाद परिवार पर लोहे की छड़ों से हमला, संजय दुबे आईसीयू में

सारांश

मुंबई के मलाड में गरबा बंद होने के बाद भड़की हिंसा में संजय दुबे को लोहे की छड़ से मारा गया और वे आईसीयू में भर्ती हुए। पत्नी रंजना दुबे का आरोप — 20 साल में तीन बार हमला, पुलिस सहयोग नहीं कर रही।

मुख्य बातें

मुंबई के मलाड की मालवणी अंबुजवाड़ी में 18 अक्टूबर 2026 को गरबा विवाद के बाद परिवार पर हमले का मामला सामने आया।
परिवार के मुखिया संजय दुबे को कथित तौर पर लोहे की छड़ से मारा गया; वे करीब 30 घंटे आईसीयू में भर्ती रहे।
पत्नी रंजना दुबे का आरोप — 20 वर्षों में तीन बार उनके पति पर हमला हुआ; पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कर रही।
पुत्र हर्ष दुबे के अनुसार आपातकालीन कॉल के बाद पुलिस 40-45 मिनट बाद मौके पर पहुँची।
पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है; परिवार ने सरकार से सुरक्षा और न्याय की माँग की है।

मुंबई के मलाड इलाके की मालवणी अंबुजवाड़ी में 18 अक्टूबर 2026 को गरबा आयोजन से जुड़े विवाद के बाद एक परिवार पर कथित तौर पर लोहे की छड़ों से हमला किया गया, जिसमें परिवार के मुखिया संजय दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज करने में सहयोग नहीं कर रही, जबकि पुलिस के अनुसार मामले की जाँच जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई मारपीट

पीड़ित के पुत्र हर्ष दुबे के अनुसार, मंदिर के सामने वर्षों की परंपरा के अनुसार गरबा आयोजन हो रहा था। रात 10 बजे नियमानुसार पुलिस ने गरबा बंद कराया। इसके बाद कुछ आरोपियों ने पुलिस से बहस की और मंदिर के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की। जब मारपीट शुरू हुई तो हर्ष ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, किंतु उनके अनुसार पुलिस 40-45 मिनट बाद पहुँची।

हर्ष ने बताया, 'आरोपियों ने पुलिस के साथ बहस की। मंदिर के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की। जब मारपीट की तो मैंने पुलिस को कॉल किया, लेकिन पुलिस 40-45 मिनट बाद आई।'

पीड़ित परिवार के आरोप

संजय दुबे की पत्नी रंजना दुबे ने बताया कि उनका परिवार 20 वर्षों से इस इलाके में रह रहा है और इस दौरान तीन बार उनके पति पर हमले की कोशिश हुई है। उन्होंने कहा, 'रेहान, गोलू और अजय — तीन युवक जबरदस्ती घर में घुस गए। हमारे दो जेठ और एक लड़के को मारने लगे। मेरे पति बीच-बचाव करने गए, तो गोलू ने रॉड से हमला किया।'

रंजना दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रही है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा, 'पुलिस हमारा सहयोग नहीं कर रही है। आरोपी हमें मजबूर कर रहे हैं कि इस इलाके में नहीं रहें।' यह आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

संजय दुबे की स्थिति

हर्ष दुबे के अनुसार उनके पिता संजय दुबे करीब 30 घंटे तक आईसीयू में भर्ती रहे, इसके बाद उन्हें जनरल वार्ड में स्थानांतरित किया गया। परिवार ने सरकार और पुलिस से सुरक्षा तथा न्याय की माँग की है। घटना ने मालवणी इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

परिवार ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज नहीं की जा रही, जो कि एक गंभीर प्रशासनिक चिंता का विषय है। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि घटना के समय प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया समय पर सवाल उठे हैं — परिवार के अनुसार आपातकालीन कॉल के बाद भी पुलिस 40-45 मिनट बाद पहुँची।

आगे क्या होगा

पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप और आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में नवरात्रि के गरबा आयोजनों के दौरान कई स्थानों पर विवादों की खबरें आई हैं। पुलिस जाँच की दिशा और अंजाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पुलिस ने प्रोटोकॉल का पालन किया और शिकायत दर्ज न होने के पीछे क्या कारण हैं — इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के मलाड में गरबा विवाद वाला हमला क्या है?
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के मलाड इलाके की मालवणी अंबुजवाड़ी में गरबा आयोजन बंद होने के बाद हुए विवाद में परिवार के मुखिया संजय दुबे पर कथित तौर पर लोहे की छड़ से हमला किया गया। वे गंभीर रूप से घायल होकर आईसीयू में भर्ती हुए।
संजय दुबे की अभी क्या स्थिति है?
पुत्र हर्ष दुबे के अनुसार संजय दुबे करीब 30 घंटे आईसीयू में भर्ती रहे, इसके बाद उन्हें जनरल वार्ड में स्थानांतरित किया गया। उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है।
परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
पत्नी रंजना दुबे और पुत्र हर्ष दुबे का आरोप है कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही और आपातकालीन कॉल के बाद पुलिस 40-45 मिनट बाद पहुँची। पुलिस ने कहा है कि मामले की जाँच जारी है।
गरबा विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
मंदिर के सामने नियमित गरबा आयोजन हो रहा था, जिसे पुलिस ने रात 10 बजे नियमानुसार बंद कराया। परिवार के अनुसार इसी के बाद आरोपियों ने पुलिस से बहस की और मंदिर सदस्यों के साथ मारपीट की।
मामले में आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप और आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की है। पुलिस जाँच जारी बताई जा रही है और स्थानीय प्रशासन पर दबाव है कि शिकायत दर्ज होने की पुष्टि की जाए।
राष्ट्र प्रेस
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