मुंबई: पवई में पति ने गरबा जाने से नाराज होकर पत्नी के पेट में घोंपा चाकू, गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के पवई इलाके में 21 अक्टूबर 2026 को एक दंपत्ति के बीच घरेलू विवाद उस वक्त हिंसक रूप ले गया जब महेश सुभाष रजत (35) ने अपनी पत्नी वैशाली महेश रजत (30) के पेट में चाकू घोंप दिया। पत्नी के गरबा खेलने जाने से नाराज आरोपी पति ने यह हमला महात्मा फुले नगर, आईआईटी पवई स्थित केडी अस्पताल के सामने समता मित्र मंडल के निकट किया। पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घायल महिला को अस्पताल में उपचाराधीन बताया जा रहा है।
घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, वैशाली रजत नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा खेलने गई थीं। उनके पति महेश रजत इस बात से नाराज थे और उन्होंने पत्नी के लौटने पर — या उसी स्थल के निकट — उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में वैशाली के पेट में गहरी चोट आई और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सूचना मिलते ही पार्कसाइट पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। घायल महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
कानूनी कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 352 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। महेश सुभाष रजत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे की जाँच जारी है।
दिल्ली में भी चाकूबाजी की घटना
इसी दिन नई दिल्ली के पीतमपुरा इलाके से भी चाकूबाजी की एक अलग और गंभीर घटना सामने आई। मौर्य एनक्लेव पुलिस स्टेशन को मंगलवार को एक पीसीआर कॉल मिली कि क्यूयू ब्लॉक स्थित चौधरी डेयरी के पास किसी को चाकू मारा गया है।
पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायलों को बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अरुण नामक व्यक्ति को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल की पहचान आशु के रूप में हुई, जिन्हें चाकू लगने से चोटें आई हैं। जाँच में पता चला कि यह घटना कथित तौर पर एक लड़की से जुड़े विवाद के कारण हुई थी, जिसके बाद हुई बहस में आरोपियों ने दोनों पर खंजर से हमला कर दिया।
पुलिस ने हत्या के इस मामले में चार नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है।
आम जनता पर असर और चिंता
नवरात्रि उत्सव के दौरान सार्वजनिक स्थल के निकट हुई इस हिंसा ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि घरेलू हिंसा की ऐसी घटनाएँ प्रायः त्योहारी मौसम में महिलाओं की स्वायत्तता को नियंत्रित करने की मानसिकता को उजागर करती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।